भोपाल, 6 फरवरी। मध्य प्रदेश के नीमच जिले में मधुमक्खियों के हमले में 20 बच्चों की जान बचाने की कोशिश में अपनी जान गंवाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कंचनबाई के परिवार को आर्थिक मदद दिए जाने की पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की है।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को एक पत्र लिखकर कहा कि नीमच के ग्राम राणापुर की निवासी 40 वर्षीय कंचनबाई मेघवाल द्वारा आंगनबाड़ी के 20 से अधिक मासूम बच्चों की जान बचाते हुए अपने प्राणों का बलिदान देना अद्वितीय साहस, कर्तव्यनिष्ठा और मातृत्व भाव की मिसाल है। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है।
उन्होंने कहा कि कंचनबाई ने अपनी जान की परवाह किए बिना आंगनबाड़ी में खेल रहे बच्चों को मधुमक्खियों के हमले से बचाया। उपलब्ध दरी, तिरपाल और अंततः अपनी साड़ी से बच्चों को ढककर उन्होंने 20 से अधिक परिवारों को उजड़ने से बचा लिया। दुर्भाग्यवश मधुमक्खियों के जहरीले डंक से गंभीर रूप से घायल कंचनबाई ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया।
दिग्विजय सिंह ने बताया कि कंचनबाई मेघवाल जय माता दी स्व सहायता समूह की अध्यक्ष थीं तथा आंगनबाड़ी में नियमित रूप से भोजन बनाकर बच्चों को खिलाने का कार्य करती थीं। वे अपने परिवार की एकमात्र कमाऊ सदस्य थीं। उनके पति शिवलाल मेघवाल वर्ष 2022 से पैरालिसिस से पीड़ित हैं और लंबे समय से बिस्तर पर हैं। परिवार गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने सीएम मोहन यादव से आग्रह किया कि इस प्रकरण को अत्यंत संवेदनशील मानवीय मामला मानते हुए कंचनबाई मेघवाल के परिवार को शासन स्तर से समुचित सहायता प्रदान की जाए। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान कोष से 10 लाख, संबल योजना के अंतर्गत 4 लाख, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 2 लाख और राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना के अंतर्गत 20,000 की सहायता दी जाए। इसके साथ कंचनबाई के पुत्र रवि मेघवाल को प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास प्रदान किया जाए और परिवार के भरण-पोषण को ध्यान में रखते हुए रवि मेघवाल को उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप किसी शासकीय विभाग में नियुक्ति दी जाए।