जसबीर जस्सी का अनोखा ख्वाब: लड़कियों को बस में घुमाना चाहते थे, पढ़ाई छोड़ ऐसे बने सुरों के सरताज

बचपन में लड़कियों के लिए बस खरीदना चाहते थे पंजाबी सिंगर-एक्टर जसबीर जस्सी, पढ़ाई छोड़ ऐसे बने संगीत के बादशाह


मुंबई, 6 फरवरी। 'खाता-पीता लाहे दा, बाकी अहमद शाहे दा', यानी जो खा लिया और तन को लगा, वही अपना है, बाकी सब बेकार है।

पंजाब के पॉप और सूफी संगीत के लिए प्रसिद्ध पंजाबी सिंगर और एक्टर जसबीर जस्सी इसी पंजाबी कहावत को अपना जीवन मानते हैं। वे पंजाब के ऐसे कलाकार हैं, जो आज पर जीने पर यकीन करते हैं और उसी सोच के साथ गाते हैं। सिंगर 7 फरवरी को अपना 56वां जन्मदिन सेलिब्रेट करने वाले हैं।

छोटी उम्र से पढ़ाई में रुचि न रखने वाले सिंगर जसबीर जस्सी हमेशा से लड़कियों के बीच पॉपुलर रहे थे। छोटी उम्र में भी आसपास की ज्यादातर लड़कियां उन्हें राखी बांधती थीं। सिंगर का बचपन में सपना था कि वे बड़े होकर एक अमीर इंसान बनेंगे और एक बड़ी सी बस खरीदकर सभी लड़कियों को घुमाएंगे, लेकिन सिंगर की किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

नौवीं कक्षा में फेल होने और जैसे-तैसे इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में छोड़कर उन्होंने संगीत की तरफ रुख किया और उसी विषय में पढ़ाई की। सिंगर ने संगीत में पढ़ाई तो कर ली, लेकिन अब आगे क्या करना है, इसको लेकर भ्रम की स्थिति थी। बहुत कम लोग जानते हैं कि जस्सी ने नाटकों से अपनी गायिकी की शुरुआत की। वे पहले लोगों का मनोरंजन करने के लिए नाटकों के मंच पर गाते थे और सबसे अधिक भगत सिंह के गाने गाते थे। उन्होंने अपनी कला को निखारने के लिए वी.एस. जॉली, पूरन शाह कोटी और उस्ताद शौकत अली खान जैसे उस्तादों के मार्गदर्शन में शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण प्राप्त किया था।

1990 की शुरुआत के साथ जस्सी को पंजाबी फिल्मों में गाना गाने का मौका मिला। फिल्मों में उनकी आवाज बाकी सिंगर्स के साथ शामिल होने की वजह से खास पहचान नहीं मिल पाई, लेकिन उन्हें करियर का पहला हिट किसी फिल्म से नहीं, बल्कि अपने एल्बम के जरिए मिला। उन्होंने एल्बम "चन्ना वे तेरी चन्ननी" से युवाओं को अपना दीवाना बना लिया और उसके बाद एल्बम 'दिल ले गई' से घर-घर फेमस हो गए, जिसके बाद उन्होंने 'कोका', 'कुड़ी-कुड़ी', 'एक गेहरा गिद्दे वीच', 'ओ नाल नी', और 'लख तेरा निका' जैसे कई हिट गाने दिए।

जसबीर जस्सी ने हमेशा पॉप और डांसिंग सॉन्ग को अपनी आवाज दी है, और वे अश्लील गानों को अपनी आवाज देने के बिल्कुल खिलाफ हैं। अक्षय कुमार की फिल्म 'लौंग द लश्कारा' गाने के बाद उन्हें कई गानों के ऑफर आए थे, लेकिन लिरिक्स अश्लील होने की वजह से उन्होंने कई गानों को ठुकरा दिया। सिंगर का हमेशा उसूल रहा है कि पंजाब को साफ-सुथरे और युवाओं को प्रेरित करने वाले गाने ही देंगे। जसबीर जस्सी सिर्फ गानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्होंने कई पंजाबी फिल्मों में भी काम किया है। उन्होंने पंजाबी फिल्म खुशियां, हीर-रांझा, और ये है प्यार का मौसम जैसी फिल्मों में काम किया है।
 

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