सीएम योगी का वार: रामभक्तों का अपमान भारत की सांस्कृतिक-आध्यात्मिक विरासत का तिरस्कार, इसी से अराजक बना यूपी

रामभक्तों का अपमान भारत की विरासत का अपमान: सीएम योगी


हरिद्वार, 6 फरवरी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि रामभक्तों का अपमान किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का अपमान था। उन्होंने कहा कि विरासत और मूल्यों के क्षरण का ही परिणाम था कि उत्तर प्रदेश लंबे समय तक अराजकता, दंगों और असुरक्षा का केंद्र बना रहा।

मुख्यमंत्री योगी हरिद्वार में स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज की विग्रह मूर्ति स्थापना समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब प्रदेश में रामभक्तों पर गोलियां चलीं, विरासत को लांछित किया गया और आध्यात्मिक मूल्यों को कमजोर किया गया। इसका नतीजा यह हुआ कि उत्तर प्रदेश दंगों, लूट और गुंडागर्दी का अड्डा बन गया।

सीएम ने कहा कि आज स्थिति पूरी तरह बदली है। अब प्रदेश में न अराजकता है, न दंगा, न कर्फ्यू। दंगा और दंगाई दोनों समाप्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब कर्फ्यू अपराधियों पर लगाया जाता है। यह परिवर्तन स्पष्ट नीति और दृढ़ नीयत का परिणाम है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कभी यह कल्पना भी नहीं की गई थी कि 500 वर्षों बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण संभव होगा, लेकिन आज भव्य राम मंदिर साकार हो चुका है। विरासत को सम्मान देने से प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण बना और उत्तर प्रदेश आज देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है।

उन्‍होंने कहा कि लोग उनसे पूछते हैं कि बिना किसी औपचारिक प्रशासनिक प्रशिक्षण के वह उत्तर प्रदेश का संचालन कैसे कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय आश्रम पद्धति प्रशासन और प्रबंधन का व्यावहारिक ज्ञान देती है। संन्यासी जीवन अनुशासन, सेवा और नेतृत्व सिखाता है। उन्होंने कहा कि एमबीए की वास्तविक शिक्षा भारतीय आश्रम परंपरा में निहित है।

सीएम योगी ने बताया कि प्रयागराज में आयोजित माघ मेले में अब तक 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु गंगा, यमुना और सरस्वती के त्रिवेणी संगम में स्नान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज, हरिद्वार, बदरीनाथ और केदारनाथ अब केवल धार्मिक स्थल नहीं रहे, बल्कि राष्ट्रीय चेतना के केंद्र बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन आस्था केंद्रों को संरक्षित और विकसित करने से देश को सांस्कृतिक और आर्थिक दोनों स्तरों पर लाभ मिला है। लंबे समय तक पिछड़ा माना जाने वाला उत्तर प्रदेश अब विकास और सुशासन की दिशा में अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं है, बल्कि ऋषि परंपरा की तपस्या से निर्मित राष्ट्र है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जो राष्ट्र अपनी संस्कृति और सभ्यता की उपेक्षा करता है, वह न वर्तमान को सुधार पाता है और न भविष्य को सुरक्षित रख पाता है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वैदिक काल में भारत आत्मनिर्भर सभ्यता का प्रतीक था और विश्व अर्थव्यवस्था में उसकी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी थी। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत पुनः वैश्विक अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
 
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