भागलपुर, 6 फरवरी। भागलपुर के रेशम भवन के प्रांगण में शुक्रवार को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के अंतर्गत जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में एक वृहद ऋण स्वीकृति-सह-वितरण शिविर (लोन कैंप) का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त (डीडीसी), जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक (जीएम डीआईसी), एनईपी (एनईपी) निदेशक, अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) तथा सहायक उद्योग निदेशक (एडीआई) अंबरीश आनंद सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित रहे।
शिविर के दौरान जिलाधिकारी ने अपने हाथों से चयनित उद्यमियों को ऋण राशि के चेक प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने उद्यमियों को संबोधित करते हुए कहा कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें 'रोजगार प्रदाता' बनाना है। उन्होंने उद्यमियों के उत्साह की सराहना की और उन्हें पूरी निष्ठा के साथ अपने स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
उप विकास आयुक्त (डीडीसी) ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिले में औद्योगिक वातावरण को बढ़ावा देने के लिए बैंकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने समय पर ऋण स्वीकृति प्रदान करने के लिए बैंकर्स की तारीफ की और कहा कि प्रशासन और बैंकों के आपसी समन्वय से ही सूक्ष्म उद्योगों का विस्तार संभव है।
कार्यक्रम के समापन पर प्रोजेक्ट मैनेजर राकेश कुमार ने उपस्थित सभी अतिथियों, बैंक अधिकारियों और उद्यमियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने 'वोट ऑफ थैंक्स' (धन्यवाद ज्ञापन) देते हुए कहा कि उद्योग विभाग उद्यमियों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।