कर्नाटक में नेतृत्व विवाद पर बेटे यतींद्र का बड़ा बयान: हाईकमान ने सिद्धारमैया को नहीं हटाया, 5 साल रहेंगे CM

हाईकमान ने नेतृत्व बदलने की मांग नहीं मानी, मेरे पिता 5 साल तक सीएम रहेंगे: यतींद्र सिद्दारमैया


बेंगलुरु, 6 फरवरी। कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर नेतृत्व को लेकर खींचतान तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के बेटे और कांग्रेस एमएलसी यतींद्र सिद्दारमैया ने साफ कहा है कि हाईकमान ने नेतृत्व परिवर्तन की किसी भी मांग को स्वीकार नहीं किया है और उनके पिता पूरे पांच साल तक राज्य के मुख्यमंत्री बने रहेंगे।

शुक्रवार को मैसूर में पत्रकारों से बात करते हुए यतींद्र सिद्दारमैया ने कहा कि इस समय पार्टी के किसी भी नेता ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को हटाने को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "मेरे पिता पूरे पांच साल तक मुख्यमंत्री रहेंगे। हाईकमान ने मुख्यमंत्री बदलने की किसी भी कोशिश को बढ़ावा नहीं दिया है। ऐसे में मेरी राय में सिद्दारमैया अपना कार्यकाल पूरा करेंगे।"

यतींद्र का यह बयान उस वक्त आया है, जब कांग्रेस विधायक शिवगंगा बसवराज के बयान के बाद नेतृत्व विवाद फिर चर्चा में आ गया। बसवराज, उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार के करीबी माने जाते हैं। उन्होंने पार्टी हाईकमान से राज्य में नेतृत्व को लेकर चल रही 'भ्रम की स्थिति' को दूर करने की मांग की थी।

यतींद्र सिद्दारमैया ने यह भी कहा कि पार्टी के भीतर किसी तरह का कोई भ्रम नहीं है। जब उनसे इस मुद्दे पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, "इस बारे में मीडिया को मुख्यमंत्री साहब से सवाल करना चाहिए।"

यतींद्र ने दोहराया कि हाईकमान की ओर से साफ संकेत है कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा और इसी पृष्ठभूमि में वह कह रहे हैं कि सिद्दारमैया पूरे कार्यकाल तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे।

इधर, ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज, आईटी और बीटी मंत्री प्रियंक खड़गे ने भी शिवगंगा बसवराज की मांग पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व जब जरूरी समझेगा, तब नेताओं को बुलाएगा। एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि समय और जरूरत पड़ने पर वे हस्तक्षेप करेंगे और उचित फैसला लेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के मुद्दों पर मीडिया में बयानबाजी करने से कोई फायदा नहीं होता।

इस बीच, एक और घटनाक्रम में कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर के समर्थकों ने चिक्कमगलूर दौरे के दौरान 'नेक्स्ट सीएम परमेश्वर' के नारे लगाए और पार्टी नेतृत्व से उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए विचार करने की अपील की।

इससे यह साफ हो गया है कि कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर चर्चाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।

गुरुवार को कांग्रेस सरकार के भीतर खींचतान फिर सामने आई थी, जब चन्नागिरी से कांग्रेस विधायक और डीके शिवकुमार के समर्थक बसवराज ने हाईकमान से नेतृत्व मुद्दे को सुलझाने की मांग की थी।

बसवराज ने कहा था कि पहले कहा गया था कि मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री शिवकुमार को 2 फरवरी को दिल्ली बुलाया जाएगा, लेकिन विधानसभा सत्र 4 फरवरी तक बढ़ने के कारण यह बैठक टल गई। हाईकमान उन्हें फिर बुलाएगा, और यह बुलावा संभवतः मुख्यमंत्री पद से जुड़े बयानों के कारण है।

बसवराज ने यह भी कहा कि अगर कोई पावर शेयरिंग का समझौता है, तो हाईकमान को उसे साफ करना चाहिए। उनका मानना है कि डीके शिवकुमार को कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर हाईकमान साफ कर दे कि कोई पावर शेयरिंग नहीं है और सिद्दारमैया ही मुख्यमंत्री बने रहेंगे, तो वह फैसला भी स्वीकार्य होगा।
 

Similar threads

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
4,347
Messages
4,379
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top