ओवैसी को संजय निषाद का करारा जवाब: "भारतीय हो तो संस्कृति अपनाओ, भारत माता का अपमान बर्दाश्त नहीं"

ओवैसी के ‘मिया समुदाय’ बयान पर संजय निषाद का पलटवार, बोले- भारतीय संस्कृति का सम्मान जरूरी


लखनऊ, 6 फरवरी। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। ओवैसी ने कहा है कि मियां समुदाय भारतीय नागरिक हैं और इस समुदाय को अलग-थलग नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों को मुस्लिम लीडरशिप पसंद नहीं है। इस पूरे मुद्दे पर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

मंत्री संजय निषाद ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि अगर कोई भारत का नागरिक है तो उसे भारतीय संस्कृति को अपनाना और उसका सम्मान करना चाहिए। भारत माता के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करना या भारतीय संस्कृति के विरुद्ध आवाज उठाना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने भारतीय संस्कृति के सम्मान और विदेशी संस्कृति के बहिष्कार पर जोर दिया।

राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन की मंत्री संजय निषाद ने जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि “मोदी है तो मुमकिन है” आज सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि हकीकत बन चुका है। पहले भारत अपनी पहचान खोता जा रहा था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने देश को उसकी पहचान वापस दिलाई है। पीएम मोदी भारत को मजबूत और आत्मनिर्भर बना रहे हैं और आज पूरा देश विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

संजय निषाद ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि समाज कांग्रेस के गलत कामों को भली-भांति जानता है और जनता ही असली जज है। लोगों ने तय कर लिया है कि उन्हें भ्रष्टाचार मुक्त भारत चाहिए, जबकि दूसरी पार्टियां जनता के हक छीनने का काम करती रही हैं।

'महात्मा गांधी' के सरनेम को लेकर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा गांधी परिवार पर किए गए तंज का समर्थन करते हुए मंत्री संजय निषाद ने कहा कि गांधी कैसे थे, यह पूरा देश जानता है। उन्होंने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि सरदार पटेल को 14 वोट मिले थे और पंडित जवाहरलाल नेहरू को केवल एक वोट मिला था, इसके बावजूद नेहरू को पार्टी अध्यक्ष और प्रधानमंत्री बना दिया गया। इससे साफ है कि पहले इन लोगों ने वोट चुराए और अब गांधी का नाम चुरा लिया है।

फिल्म “घूसखोर पंडित” के नाम पर विवाद को लेकर उन्होंने कहा कि यूट्यूब चैनल, वेब सीरीज और आजकल के लोकप्रिय कंटेंट पर सेंसर बोर्ड की निगरानी होनी चाहिए। ऐसा इसलिए जरूरी है ताकि समाज में किसी भी वर्ग या समुदाय के खिलाफ भेदभाव न फैले और सामाजिक सौहार्द बना रहे।

आम आदमी पार्टी (आप) के नेता लकी ओबेरॉय की हत्या पर दुख जताते हुए मंत्री निषाद ने इसे बेहद गंभीर घटना बताया। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
 
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