लखनऊ, 6 फरवरी। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र सिंह राजपूत ने मेघालय कॉल ब्लास्ट मामले को दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
उन्होंने शुक्रवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में आरोप लगाया कि यहां अवैध रूप से कोयले की खान संचालित हो रही थी। किसके संरक्षण में ऐसा हो रहा था? इसकी जानकारी आम जनता को होनी चाहिए। यह दुखद है कि इस हादसे में 18 लोगों को जान चली गई। लेकिन, सरकार अभी तक इस पूरे मामले में उदासीन बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि इतने लोगों की जान इस हादसे में चली गई। इसे लेकर मेरा सीधा-सा सवाल है कि आपने अब तक इन लोगों के परिजनों को मदद पहुंचाने के लिए क्या किया? क्या किसी भी प्रकार की राहत पहुंचाई? सरकार को इस संबंध में जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि हम इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के साथ दुख की इस घड़ी में खड़े हैं। हम सरकार से मांग करते हैं कि मृतकों के परिजनों को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए, ताकि उनका शेष जीवन अच्छे चले। साथ ही, इस हादसे के पीछे जो लोग भी जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो, ताकि निकट भविष्य में हमें इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति देखने को नहीं मिले। इस हादसे को लेकर मेरा कुल मिलाकर यही कहना है कि सत्ता के संरक्षण के बिना यह सबकुछ मुमकिन नहीं है, जरूर इसके पीछे किसी बड़े आदमी का हाथ है, जिसकी विधिवत रूप से जांच होनी चाहिए।
साथ ही, कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने हिमंता को सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री बताया और दावा किया कि इनके पास मौजूदा समय में कई मुद्दा नहीं है, इसलिए वो हिंदू-मुस्लिम करके लोगों को दिग्भ्रमित करके भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसा करके हिमंता बिस्वा सरमा फिर से असम की सत्ता में फिर से काबिज होना चाहते हैं। लेकिन, इस बार इनकी यह मंशा सफल होने वाली नहीं है।
उन्होंने दावा कि असम की जनता हिमंता बिस्वा सरमा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है। लेकिन, वे बड़ी ही चालाकी से लोगों का ध्यान मूल मुद्दे से भटकाने की कोशिश कर रहे हैं और इसके लिए ये लोग हिंदू-मुस्लिम का सहारा ले रहे हैं।
इसके अलावा, कांग्रेस प्रवक्ता ने संसद में दिए प्रधानमंत्री मोदी के भाषण पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि अब कांग्रेस के लोग प्रधानमंत्री पर हमला नहीं बोल रहे हैं, बल्कि वर्तमान स्थिति ऐसी बन चुकी है कि भाजपा और उसके अनुषांगिक संगठन के लोग ही उन पर हमला कर रहे हैं।