नई दिल्ली, 6 फरवरी। संसद के बाहर राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। भाजपा और विपक्षी दलों के सांसदों ने गांधी परिवार, प्रधानमंत्री के सम्मान, कांग्रेस के इतिहास, संसद की कार्यवाही और ईवीएम को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए।
भाजपा सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने 'गांधी परिवार' को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि महात्मा गांधी एक महान व्यक्तित्व थे। उन्होंने कहा कि फिरोज गांधी कांग्रेस के नेता और सांसद थे, लेकिन गांधी परिवार उन्हें अपने से जोड़कर खुद को गांधी विरासत का उत्तराधिकारी बताने की कोशिश करता है।
शशांक मणि त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की जा रही भाषा पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एक सम्मानित और प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं और देश में उनके लिए सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल होना चाहिए। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ व्यक्तिगत तौर पर इस तरह के शब्दों का प्रयोग उचित नहीं है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर निशाना साधते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि वे तुष्टिकरण की राजनीति की भाषा बोल रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस के सौ साल के इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि यह सच है कि महात्मा गांधी और सरदार पटेल के समय देश में बड़े सुधार हुए, लेकिन नेहरू परिवार ने पश्चिमी जीवनशैली और सोच को अपनाया, जो बाद में कांग्रेस की पहचान बन गई।
वहीं, कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने लोकसभा की कार्यवाही को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लोकसभा में सरकार जवाब नहीं दे रही है और जिस तरह से कार्यवाही चलाई जा रही है, क्या देश इसे माफ करेगा?
उन्होंने आरोप लगाया कि सदन का पूरा समय केवल इसलिए बर्बाद किया जा रहा है ताकि नेता प्रतिपक्ष और पूरी विपक्षी एकजुटता को बोलने से रोका जा सके। उन्होंने सवाल उठाया कि यह कैसी संसद है और संसदीय मर्यादा का क्या स्तर रह गया है। उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि भाजपा संसद की गरिमा को कमजोर कर रही है और अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है।
कांग्रेस के योगदान का जिक्र करते हुए उज्ज्वल रमण सिंह ने कहा कि आजादी से पहले कांग्रेस की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता। यह इतिहास के हर पन्ने में दर्ज है और हमेशा याद रखा जाएगा। जिन लोगों ने देश के लिए बलिदान दिए, सुख-सुविधाएं छोड़ीं और कठोर जेल यातनाएं झेलीं, कांग्रेस उन्हें सम्मान देती रहेगी।
इस बीच तृणमूल कांग्रेस की सांसद शताब्दी रॉय ने ईवीएम को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि ईवीएम में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि नाम गलत दिखते हैं और जब सॉफ्टवेयर डाउनलोड किया जाता है, तो उसमें दिखाई देने वाली जानकारी सही नहीं होती।
शताब्दी रॉय ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी पहले दिन से कह रहे थे कि ईवीएम का सॉफ्टवेयर ठीक से काम नहीं कर रहा और इसमें कुछ रहस्यमयी गड़बड़ी है। उन्होंने दावा किया कि आज जो सामने आया है, उससे उनकी बात सही साबित हो गई है।