नई दिल्ली, 6 फरवरी। दिल्ली पुलिस ने हाल ही में मीडिया और सोशल मीडिया में चल रही अफवाहों का खंडन किया है कि राष्ट्रीय राजधानी में लापता बच्चों के मामलों में अचानक बढ़ोतरी हुई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि डेटा को गलत तरीके से पेश करके डर फैलाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि राजधानी में बच्चों के लापता होने के मामले बढ़ गए हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसे पूरी तरह गलत बताया है और कहा कि आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले करीब दस सालों से लापता बच्चों के मामलों में कोई असामान्य वृद्धि नहीं हुई है।
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके बताया कि इस तरह के दावों को बढ़ावा देने के पीछे कुछ लोगों का आर्थिक फायदा लेने का इरादा हो सकता है।
पुलिस ने कहा, "लड़कियों के अचानक गायब होने की बढ़ोतरी को लेकर जो हाइप बनाई जा रही है, वह पैसे देकर प्रमोट की जा रही है। पैसे के लालच में डर फैलाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और हम ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।”
गुरुवार को भी पुलिस ने एक्स पर पोस्ट करके नागरिकों से अपील की थी कि वे अचानक बढ़ी हुई अफवाहों में न फंसें और आंकड़ों को गलत तरीके से पेश करने वाले दावों से डरें नहीं।
पुलिस ने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस 24x7 तत्पर है और हर लापता या अपहृत बच्चे का पता लगाने और उन्हें उनके परिवार के साथ जल्द से जल्द मिलाने के लिए पूरी तरह प्रयासरत है।
इसमें कोई शक नहीं कि सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाने वाले लोग जल्दी-जल्दी सनसनी फैलाने की कोशिश करते हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस ने यह साफ कर दिया है कि अफवाहों से डरने की जरूरत नहीं है। वास्तविकता यह है कि आंकड़े पिछले सालों के मुकाबले सामान्य हैं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस सतर्क है।