लखनऊ, 6 फरवरी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के शब्दों में सकारात्मक दृष्टि, लक्ष्य की स्पष्टता और हर चुनौती का मुस्कुराकर सामना करने की प्रेरणा समाहित है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "परीक्षा आत्मविश्वास, अनुशासन और धैर्य की कसौटी होती है। ऐसे क्षणों में सही मार्गदर्शन विद्यार्थियों के मन से भय हटाकर उनमें विश्वास और ऊर्जा भर देता है। इसी भावना के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'परीक्षा पे चर्चा' के माध्यम से छात्रों से आत्मीय संवाद किया।"
सीएम योगी ने आगे लिखा, "प्रधानमंत्री ने छात्रों को यह संदेश दिया कि तनाव नहीं, संतुलन को अपनाइए। प्रतिस्पर्धा नहीं, आत्म-विकास पर ध्यान दीजिए और परिणाम नहीं, निरंतर प्रयास पर भरोसा रखिए। उनके शब्दों में सकारात्मक दृष्टि, लक्ष्य की स्पष्टता और हर चुनौती का मुस्कुराकर सामना करने की प्रेरणा समाहित है।"
उन्होंने 'एक्स' पोस्ट में लिखा, "यह संवाद केवल परीक्षा कक्ष तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन की हर परीक्षा में स्थिर रहने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और अपने सामर्थ्य पर विश्वास बनाए रखने का संदेश देता है। निश्चय ही यह पहल करोड़ों विद्यार्थियों के मन में नई दिशा, नई ऊर्जा और नए विश्वास का संचार करेगी।"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी आभार व्यक्त किया और सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य, आत्मविश्वासपूर्ण प्रयास और सफलता से भरे पथ की शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम का पहला एपिसोड शुक्रवार को जारी हुआ। इस एपिसोड में प्रधानमंत्री मोदी ने 'आपका स्टाइल-आपकी गति' से लेकर 'लक्ष्य के साथ तैयारी', 'कम प्रेशर-ज्यादा सीखना', 'शोर के बीच टिके रहना' और 'बड़े सपने-बड़े काम' तक अलग-अलग विषयों पर छात्रों से संवाद किया। इसी बीच, उन्होंने छात्रों के कई सवालों के भी जवाब दिए।
पीएम मोदी ने 'मार्क्स, गेम्स और हंसी के बीच बैलेंस' पर भी छात्रों को महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इस कार्यक्रम के पहले एपिसोड में पीएम मोदी के सामने गीत और कविता से लेकर बांसुरी बजाने तक छात्रों ने भी कई एक्टिविटी कीं।