नई दिल्ली, 6 फरवरी। भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कांग्रेस की राजनीति सहित कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस और गांधी परिवार पर टिप्पणी करते हुए प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस की संस्कृति इस बात को दर्शाती है कि किस तरह इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है और उधार की पहचान को अपनाया गया है।
उन्होंने आईएएनएस से कहा कि कहीं से किसी का उपनाम उठाकर अपने नाम के आगे जोड़ लेना और फिर यह मान लेना कि उसी उपनाम के वारिस हैं, गांधी परिवार की सबसे बड़ी गलतफहमी है। खंडेलवाल ने स्पष्ट कहा कि संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो कहा, वह पूरी तरह सही है।
बता दें कि पीएम मोदी ने संसद में गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए महात्मा गांधी का सरनेम चुराने की बात कही थी।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि जिस तरह से रेवंत रेड्डी शासन चला रहे हैं, उन्हें पहले आत्ममंथन करना चाहिए कि क्या वे शासन की मर्यादा और नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। रेवंत रेड्डी के बयानों से उनकी सोच और राजनीतिक स्तर झलकता है। खंडेलवाल के अनुसार, उनकी सरकार राजनीति की गरिमा बनाए रखने में असफल रही है, यही कारण है कि वहां की जनता उनके शासन से परेशान है।
वहीं दूसरी ओर, मनोज बाजपेयी की प्रस्तावित फिल्म 'घूसखोर पंडित' को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी प्रवीण खंडेलवाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि फिलहाल फिल्म को लेकर केवल घोषणा की गई है और जब तक फिल्म से जुड़ी पूरी जानकारी सामने नहीं आती, तब तक किसी को टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फिल्म की कहानी क्या है, उसका नाम क्यों रखा गया है, यह सब पहले सामने आना चाहिए। यदि फिल्म तथ्यों पर आधारित है, सच्चाई को दर्शाती है और सेंसर बोर्ड से मंजूरी मिल जाती है, तो इस स्तर पर किसी भी तरह के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है।
मेघालय में हुए कोयला खदान हादसे पर दुख जताते हुए प्रवीण खंडेलवाल ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मेघालय सरकार इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराएगी और जो भी दोषी हैं, उन्हें सख्त सजा दी जाएगी। साथ ही उन्होंने मांग की कि हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।
असदुद्दीन ओवैसी की विवादित टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए खंडेलवाल ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि असम में 'मिया' शब्द का इस्तेमाल किस संदर्भ में किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ओवैसी जबरन राजनीति का केंद्र बनकर सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं। बेहतर होगा कि ओवैसी इधर-उधर बयानबाजी करने के बजाय अपने क्षेत्र के विकास पर ध्यान दें।