चंडीगढ़, 5 फरवरी। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने गुरुवार को डीजीपी गौरव यादव के कार्यालय में गिरफ्तारी देने की पेशकश की। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उनसे जुड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और कर्मचारियों को आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल के आदेश पर पंजाब पुलिस द्वारा बेवजह परेशान न किया जाए।
डीजीपी गौरव यादव से पार्टी की कोर कमेटी के साथ मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए सुखबीर बादल ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार उन्हें गुरु ग्रंथ साहिब के 328 ‘स्वरूपों’ से जुड़े मामले में फंसाना चाहती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘स्वरूपों’ से जुड़े मामले की जांच करने के बजाय सरकार द्वारा बनाई गई चुनिंदा एसआईटी उनके चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के दफ्तरों पर छापेमारी कर रही है। इसमें अश्विनी एंड एसोसिएट्स का कार्यालय भी शामिल है, जो उनका इनकम टैक्स दाखिल करता है। साथ ही बठिंडा में उनके पूर्व अकाउंटेंट्स के दफ्तर भी निशाने पर हैं।
सुखबीर बादल ने कहा, “मेरी सभी बैलेंस शीट्स को अवैध रूप से जब्त किया जा रहा है और मेरे कर्मचारियों व उनके परिवार के सदस्यों पर मुझे झूठे मामले में फंसाने का दबाव बनाया जा रहा है। इन कार्रवाइयों का न तो 328 ‘स्वरूपों’ की जांच से कोई लेना-देना है और न ही शिरोमणि कमेटी से।”
उन्होंने यह भी कहा कि उनके सभी कारोबारी प्रतिष्ठान सार्वजनिक जानकारी में हैं और मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा सुख विलास रिजॉर्ट को गिराने और उनकी बस कंपनी को पंजाब में चलने से रोकने के दावों के बावजूद ऐसा कुछ नहीं किया जा सकता, क्योंकि सब कुछ पूरी तरह कानूनी है।
यह कहते हुए कि अकाली दल इस तरह की 'गुंडागर्दी' को बर्दाश्त नहीं करेगा, बादल ने कहा, “कोर कमेटी ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और अगर सरकार इसी तरह अकाली दल के नेतृत्व को परेशान करती रही तो पार्टी सड़कों पर उतरने का फैसला करेगी। मैं आप संयोजक अरविंद केजरीवाल को भी चेतावनी देना चाहता हूं कि पंजाब पुलिस का दुरुपयोग न करें।”
उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार अकाली दल की बढ़ती लोकप्रियता से घबराई हुई है और इसी वजह से वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया ताकि वे जनता की आवाज न उठा सकें।
बादल ने कहा, “मालवा क्षेत्र में शिरोमणि अकाली दल को जबरदस्त समर्थन मिलने के बाद, जिसे आप अपनी मजबूत पकड़ मानती थीं, सरकार ने अब मुझे निशाना बनाने का फैसला किया है। इसी कारण आप की निजी सेना की तरह काम करने वाली एसआईटी बनाई गई है, ताकि अकाली दल के नेताओं को झूठे मामलों में फंसाया जा सके।”