अंडररेटेड जीनियस जोसेफ कॉटन: हॉलीवुड का वो अनमोल सितारा जिसने गढ़ी अभिनय की नई परिभाषा, पर ऑस्कर ने किया अनदेखा

joseph cotten


नई दिल्ली, 5 फरवरी। हॉलीवुड के स्वर्णिम दौर की चर्चा जब भी होती है, तो कुछ ऐसे कलाकारों के नाम स्वतः सामने आ जाते हैं, जिन्होंने अभिनय को केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे एक जीवंत और प्रभावशाली कला का रूप दिया। जोसेफ कॉटन उन्हीं महान अभिनेताओं में से एक थे, जिनकी अदाकारी में गहराई और सादगी का अद्भुत मेल दिखाई देता था।

6 फरवरी 1994 को उनके निधन के साथ क्लासिक हॉलीवुड के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत हो गया, लेकिन उनकी फिल्मों और अभिनय शैली ने उन्हें सिनेमा इतिहास में अमर बना दिया। हालांकि अभिनय की नई परिभाषा गढ़ने वाले अदाकार को कभी ऑस्कर का नामांकन तक नहीं मिला और इस तरह ये अंडररेटेड जीनियस के तौर पर भी पहचाने गए।

जोसेफ कॉटन का जन्म 15 मई 1905 को अमेरिका के वर्जिनिया में हुआ था। पोस्ट पोस्टमास्टर के इस बेटे को शुरू से ही कहानी कहने का शौक था, लेकिन उसे वह रास्ता नहीं पता था जिस पर चलकर मंजिल तक पहुंच पाए। बड़े हुए तो वाशिंगटन के एक्टिंग स्कूल से अदाकारी के गुर सीखे। कई ऐसे काम किए जो शायद कोई एक्टर नहीं करता है। जीवन जीने के लिए क्लर्क बने, लाइफगार्ड का काम किया, और सेल्समैन बनकर सामान भी बेचा। इसी बीच एक अच्छे मंच की तलाश में मियामी पहुंच गए।

उन्हें थिएटर से गहरा लगाव था और उन्होंने रंगमंच के माध्यम से अभिनय की बारीकियां सीखीं। उनकी प्रतिभा पर प्रसिद्ध निर्देशक और निर्माता ऑर्सन वेल्स की नजर पड़ी, जिसने उनके करियर को नई दिशा दी। वेल्स के साथ काम करते हुए कॉटन ने अभिनय की ऐसी पहचान बनाई, जिसने उन्हें हॉलीवुड के गंभीर और सशक्त अभिनेताओं की श्रेणी में ला खड़ा किया।

साल 1941 में आई फिल्म सिटीजन केन जोसेफ कॉटन के करियर का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। यह फिल्म आज भी विश्व सिनेमा की महानतम फिल्मों में गिनी जाती है। इस फिल्म में उनके अभिनय ने दर्शकों और आलोचकों दोनों को प्रभावित किया। इसके बाद 1949 में आई फिल्म द थर्ड मैन में उनकी भूमिका ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। इस फिल्म में उनके किरदार की भावनात्मक जटिलता और अभिव्यक्ति की सादगी ने यह साबित कर दिया कि अभिनय केवल संवाद बोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि चेहरे के भाव और मौन के माध्यम से भी बहुत कुछ कहा जा सकता है।

जोसेफ कॉटन की खासियत यह थी कि उन्होंने अपने किरदारों को बेहद सहज और वास्तविक बनाया। उनके अभिनय में कृत्रिमता या बनावटीपन नहीं दिखता था। वह दर्शकों को अपने किरदारों से जोड़ने की अद्भुत क्षमता रखते थे। यही कारण था कि उन्होंने रोमांटिक, रहस्यपूर्ण और मनोवैज्ञानिक भूमिकाओं में समान प्रभाव छोड़ा। उनके अभिनय में एक ऐसा संतुलन दिखाई देता था, जो उन्हें अपने समकालीन कलाकारों से अलग बनाता था।

अपने लंबे करियर में जोसेफ कॉटन ने दर्जनों फिल्मों और टेलीविजन प्रोजेक्ट्स में काम किया। वह केवल एक सफल अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक समर्पित कलाकार भी थे, जिन्होंने अभिनय को अपनी पहचान और जीवन का उद्देश्य बना लिया था। उनकी फिल्मों ने आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों को प्रेरणा दी और सिनेमा को भावनात्मक गहराई प्रदान की।
 

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
4,150
Messages
4,182
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top