नई दिल्ली, 5 फरवरी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक्स पोस्ट में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज को अपरिपक्व और राजनीतिक रूप से नादान बताया। जब मर्ज से इसे लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इसे घबराहट और असुरक्षा का नतीजा बताया।
खाड़ी देशों की तीन दिवसीय यात्रा पर निकले जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने अमेरिकी दूतों के साथ अपनी तय बातचीत की पूर्व संध्या पर ईरान के नेतृत्व से "बातचीत में शामिल होने" का आग्रह किया और कहा कि "क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने का बहुत बड़ा डर है।"
कतर की राजधानी दोहा में पत्रकारों से बात करते हुए, मर्ज ने कहा कि ईरान को "अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करना होगा।" इसके साथ ही इजरायल और क्षेत्र के अन्य देशों को "और सैन्य धमकियां" देने से बचना होगा।
मर्ज ने कहा, "इसलिए अगले कुछ घंटों में बातचीत तेज की जाएगी," और कहा कि जर्मनी का अमेरिका के साथ "तालमेल" अच्छा है।
इसी दौरान ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची की टिप्पणियों को लेकर उनसे सवाल किया गया, जिस पर मर्ज ने कहा, "मैंने यह ट्वीट (एक्स पोस्ट) देखा है और मैं बस इतना कह सकता हूं कि यह बहुत ज्यादा घबराहट और असुरक्षा का संकेत है।"
मर्ज खाड़ी क्षेत्र की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं, जहां उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मुलाकात की है। बाद में वे संयुक्त अरब अमीरात जाएंगे।
दरअसल, गुरुवार को ही अराघची ने मर्ज के बयान को टैग करते हुए एक लंबा-चौड़ा पोस्ट लिखा था। उन्होंने मर्ज को "राजनीतिक तौर पर नादान" बताते हुए याद दिलाया कि मर्ज ने जून 2025 में इजरायल द्वारा ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर किए गए हमले की निंदा की थी।
अराघची ने मर्ज की एक पोस्ट री शेयर की थी, जिसमें जर्मन चांसलर ने खाड़ी देशों की यात्रा से पहले शांति की कामना करते हुए ईरान को इसमें बड़ी बाधा के तौर पर प्रोजेक्ट किया था।
ईरानी विदेश मंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा कि तेहरान अभी भी जर्मन जनता के साथ संबंधों को महत्व देता है, लेकिन बर्लिन में 'अधिक परिपक्व' नेतृत्व की उम्मीद करता है।