2014 से पहले 'कमजोर पांच' था भारत, अब तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने को तैयार: PM मोदी का बयान

2014 से पहले भारत को 'कमजोर पांच' अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था: पीएम मोदी


नई दिल्ली, 5 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब हमने शासन की बागडोर संभाली, तब भारत को 'कमजोर पांच' अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था। स्वतंत्रता के समय, हम विश्व की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थे। हालांकि, बीच के वर्षों में खराब प्रबंधन के कारण, हमारी रैंकिंग गिरकर 11वें स्थान पर आ गई। अब, हम विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर अग्रसर हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि विश्व के समृद्ध से समृद्ध देश भी बुजुर्ग होते जा रहे हैं। वहां की आबादी उम्र के उस पड़ाव पर पहुंची है, जिसे हम बुजुर्ग के रूप में जानते हैं। हमारा देश ऐसा है, जो विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है और उसी समय दिनोंदिन हमारा देश युवा होता जा रहा है। यह युवा आबादी वाला देश है।

उन्होंने कहा कि जिस तरह भारत के प्रति विश्व का आकर्षण बढ़ा है, उसमें भी विश्व, भारत के टैलेंट का माहत्म्य समझ रहा है। आज हमारे पास दुनिया का बहुत ही महत्वपूर्ण युवा टैलेंट पुल है, जिसके पास सपने भी हैं, संकल्प भी है और सामर्थ्य भी है। शक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है। भारत आज विश्व में जो चुनौतियां पैदा हो रही हैं, उन चुनौतियों का समाधान देने वाला देश बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि भारत विश्वभर के कई देशों के साथ भविष्योन्मुखी व्यापार समझौते कर रहा है। हाल ही में हमने ऐसे नौ समझौते पूरे किए हैं। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण समझौता, जिसे अक्सर 'सभी समझौतों की जननी' कहा जाता है, यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के साथ हस्ताक्षरित किया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज मेजर इकोनॉमी में भारत की ग्रोथ बहुत हाई है। हाई ग्रोथ और लो इंफ्लेशन, ये एक यूनिक संयोग है। ये हमारी अर्थव्यवस्था की मजबूती को प्रदर्शित करता है।

उन्होंने कहा कि जब देश आजाद हुआ, तब हम दुनिया में छह नंबर की इकोनॉमी थे। लेकिन, इन लोगों ने ऐसा हाल करके रखा कि 11 नंबर पर पहुंचा दिया। आज हम 3 नंबर पर जाने की दिशा में तेज गति से अग्रसर हैं। आज हर क्षेत्र में भारत, आत्मविश्वास से भरा हुआ भारत है।

पीएम मोदी ने कहा कि हमने ‘सुधार, प्रदर्शन और रूपांतरण’ के मार्गदर्शक सिद्धांत का अनुसरण करते हुए प्रगति की है। परिणामस्वरूप, देश अब सुधार की राह पर अग्रसर है। हमने संरचनात्मक, प्रक्रिया-संबंधी और नीतिगत सुधार लागू किए हैं। हमारे प्रयास विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करने और उद्यमियों को सहयोग देने पर केंद्रित रहे हैं। मैं विश्वासपूर्वक कह सकता हूं कि भारत अब वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार है।
 
Similar content Most view View more

Latest Replies

Forum statistics

Threads
16,711
Messages
16,748
Members
20
Latest member
7519202689
Back
Top