ईरान की गिरफ्त से 8 भारतीय नाविक रिहा, वतन वापसी का रास्ता साफ! बाकी 8 की भी जल्द उम्मीद: विदेश मंत्रालय

MEA on 8 Sailors of India


नई दिल्ली, 5 फरवरी। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) द्वारा पिछले साल दिसंबर में जब्त किए गए तेल टैंकर एमटी वैलिएंट रोअर पर सवार 16 भारतीय नाविकों में से आठ को रिहाई की मंजूरी मिल गई है।

गुरुवार को नई दिल्ली में एक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत बाकी आठ की रिहाई के लिए ईरानी अधिकारियों के संपर्क में है और उन्हें पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया है।

जायसवाल ने पत्रकारों से कहा, "हमें कांसुलर एक्सेस मिला है। बंदर अब्बास में हमारा दूतावास, हमारे अधिकारी उनसे मिलने गए हैं। जैसा कि हमें ईरानी अधिकारियों ने बताया है, उन 16 में से आठ को रिहा कर दिया गया है। जैसे ही जरूरी औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी, वे घर लौट आएंगे। बाकी आठ नाविकों के संबंध में, हम ईरानी अधिकारियों के संपर्क में हैं। हम देखेंगे कि उन्हें जो भी जरूरत हो, उसमें सबसे अच्छा समर्थन कैसे दिया जाए।"

तेहरान में भारतीय दूतावास ने 17 जनवरी को जानकारी दी थी कि उन्हें दिसंबर मध्य में ईरानी अधिकारियों द्वारा जहाज एमटी वैलेंट रोर को कब्जे में लेने के बारे में सूचित किया गया था। इसमें भारतीय चालक दल के 16 सदस्य सवार थे। बयान के अनुसार, बंदर अब्बास में भारतीय दूतावास ने चालक दल तक कांसुलर एक्सेस के लिए ईरानी अधिकारियों से कई बार अनुरोध किया था।

एक्स पर साझा किए गए एक बयान में भारतीय दूतावास ने कहा, "दिसंबर 2025 के मध्य के आसपास, मिशन को ईरानी अधिकारियों द्वारा जहाज एमटी वैलेंट रोर को कब्जे में लेने के बारे में सूचित किया गया था, जिसमें 16 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। बंदर अब्बास में भारत के दूतावास ने तुरंत (14 दिसंबर को) ईरान सरकार को चालक दल तक कांसुलर एक्सेस के लिए लिखा।"

इसमें आगे कहा गया, "तब से कांसुलर एक्सेस के लिए अनुरोध कई बार दोहराया गया है। राजनयिक पत्राचार और बंदर अब्बास और तेहरान में व्यक्तिगत बैठकों दोनों के माध्यम से हमने अपनी बात पहुंचाई है। इस प्रक्रिया में राजदूत स्तर की वार्ता भी शामिल है। ईरानी अधिकारियों से चालक दल को भारत में अपने परिवारों से बात करने की अनुमति देने का भी अनुरोध किया गया था।"

बयान के अनुसार, दूतावास ने 15 दिसंबर को जहाज का मालिकाना हक रखने वाली यूएई स्थित कंपनी से भी संपर्क किया। बाद में कंपनी के ईरान स्थित एजेंटों के संपर्क में रहा, ताकि उन पर दबाव डाला जा सके कि वे जहाज के लिए भोजन, पानी और ईंधन की व्यवस्था सुनिश्चित करें, और ईरानी अदालतों में चालक दल के लिए कानूनी प्रतिनिधित्व की व्यवस्था करें। बयान में तेहरान में भारतीय दूतावास ने कहा, "जहाज से खाने और पानी का स्टॉक कम होने की जानकारी मिलने पर, मिशन ने जनवरी की शुरुआत में ईरानी नौसेना से खाने और पानी की इमरजेंसी सप्लाई का इंतजाम करवाया। दुबई में भारतीय दूतावास भी जहाज की मालिक कंपनी पर कानूनी मदद और जहाज को रेगुलर सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए दबाव डाल रहा है।"

यूएई के पास अंतर्राष्ट्रीय जल सीमा में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने 16 भारतीय नाविकों को दिसंबर 2025 के पहले हफ्ते में ही बंधक बना लिया था।
 

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