भाजपा का विपक्ष पर पलटवार: ट्रेड डील पर बेवजह हंगामा, गुमराह कर चर्चा से भाग रहा है विपक्ष

भाजपा सांसदों ने कहा-नेता विपक्ष बेवजह के मुद्दों में मुद्दे ढूंढते हैं


नई दिल्ली, 5 फरवरी। भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर विपक्ष ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि डील के बारे में सरकार से नहीं, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पता चला। विपक्ष की मांग है कि इस डील को लेकर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। दूसरी ओर, भाजपा सांसदों ने दावा किया कि विपक्ष सिर्फ हंगामा करना जानता है।

भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि विपक्ष को सिर्फ हंगामा करना आता है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दोनों सदनों में स्पष्ट रूप से कहा है कि भारत के कृषि और डेयरी क्षेत्र में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होगा। एमएसएमई सेक्टर को बहुत बड़ा लाभ मिलने वाला है, लेकिन विपक्ष गलत बयानबाजी करके देश को गुमराह करना चाहता है। इस तरह की राजनीति का देश में कोई स्थान नहीं है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष हर प्रकार की चर्चा से भाग रहा है। विपक्ष सदन में जिस तरह का आचरण कर रहा है, वह संसदीय मर्यादाओं का स्पष्ट उल्लंघन है। विपक्ष संसद को बिल्कुल नहीं समझता। विपक्ष की रुचि संसद के बाहर सीढ़ियों पर बैठकर या बाहर खड़े होकर बयानबाजी करने में ज्यादा है। जनता यह सब देख रही है। यही कारण है कि विपक्ष धीरे-धीरे अपनी प्रासंगिकता खोता जा रहा है।

भाजपा सांसद किरण चौधरी ने कहा कि विपक्ष के नेता का पद बहुत जिम्मेदारी वाला होता है और इस पद की गरिमा भी अलग होती है। जनता हमेशा करीब से देखती है और नेता प्रतिपक्ष से बहुत उम्मीदें रखती है। फिर भी वे अक्सर ऐसे मुद्दे उठाते हैं, जो या तो फालतू होते हैं या देश के हित में नहीं होते। अब उनके असली चेहरे सामने आ गए हैं।

उन्होंने कहा कि कौन कहता है कि विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया गया या उन्हें मौका नहीं दिया गया? सच तो यह है कि कोई उनकी बात सुनता ही नहीं, चाहे वे कितनी भी बार बोलने की कोशिश करें। अगर आप किसी बात के लिए खड़े होते हैं, तो उसके बारे में गंभीरता से बात करें।

भाजपा सांसद अरुण सिंह ने कहा कि विपक्ष लगातार हारने के बाद निराश और हताश है। कांग्रेस पार्टी के राहुल गांधी का तो मूल स्वभाव ही ऐसा है, बिना किसी ठोस मुद्दे के मुद्दा बनाना। वे हर बार हार भी रहे हैं।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि राहुल गांधी की दादी इंदिरा गांधी जैसी शीर्ष कांग्रेस नेता साड़ी पहनती थीं, उनकी मां, विदेशी होने के बावजूद, साड़ी पहनती थीं। उनके पूर्वज और परंपरा के लोग ज्यादातर हाई-नेक कॉलर वाले कुर्ता-पायजामा पहनते थे, लेकिन यह एक आदमी (राहुल गांधी) टीशर्ट और पैंट पहनता है। अगर उन्हें खादी और स्वदेशी मूल्यों की कोई इज्जत नहीं है, तो ऐसे व्यक्ति को संसद की इज्जत क्यों होगी।
 

Similar threads

Trending Content

Forum statistics

Threads
4,126
Messages
4,158
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top