पटना, 5 फरवरी। बिहार विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सरकार पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि बिहार में सरकार न्याय के साथ विकास की राह पर नहीं बल्कि अन्याय के साथ विनाश की राह पर चल रही है।
उन्होंने कुछ देर सदन में खड़े होकर, उसके बाद पैर के अंगूठे में दर्द के कारण बैठकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आज बिहार में लोकतंत्र को डर तंत्र में बदल दिया गया है। उन्होंने बिहार की विभिन्न आपराधिक घटनाओं को गिनाते हुए कहा कि इस सरकार की नींद बेटियों की चीख से भी नहीं टूटती है। तेजस्वी ने कहा कि बिहार की हालत देखकर तो यही लगता है कि अपराधियों को पूरा विश्वास हो गया है कि ये सरकार उनका कुछ नहीं 'उखाड़' सकती है। बिहार के अपराधियों में डर नहीं और सरकार में शर्म भी नहीं है।
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में आज थाना खामोश है, प्रशासन बेहोश है और सरकार पूरी तरह मदहोश है। जनता में इस सरकार के लिए अफसोस और आक्रोश है। बिहार सरकार कोल्ड स्टोरेज बन चुकी है, जहां हर मामले को ठंडा कर दिया जाता है। बिहार के विकास के सरकार के दावे पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष को बताना चाहिए कि अगर बिहार में विकास हो रहा है तो बिहार किस चीज में नंबर वन है। राज्य प्रति व्यक्ति आय, शिक्षा, स्वास्थ्य में सबसे पीछे है। सबसे ज्यादा बेरोजगारी है। भ्रष्टाचार में अव्वल है। अपराधियों का बोलबाला है। जिन गरीबों का वोट लिया, उनके घर को उजाड़ रहे हैं।
उन्होंने बिहार के विशेष राज्य का दर्जा और विशेष पैकेज की भी चर्चा करते हुए कहा कि आज बिहार की वही स्थिति है जो 1960 में थी। उन्होंने कहा कि आज डबल इंजन की सरकार है, मुख्यमंत्री दिल्ली चले, हम लोग भी साथ हैं और पीएम से बिहार को विशेष राज्य के दर्जे की मांग की जाएगी। तेजस्वी ने कहा कि आज डबल इंजन की सरकार है, डबल उपमुख्यमंत्री हैं, डबल हंड्रेड में विधायक हैं, लेकिन आज भी बिहार जहां खड़ा था, वहीं खड़ा है। हम विशेष राज्य की मांग का पूरा सपोर्ट करेंगे।
उन्होंने कहा कि मेरे पिता मुझसे कहते हैं कि बाज बनो। बाज बनोगे तो बाकी पक्षी तुमसे नीचे उड़ेंगे।