नई दिल्ली, 5 फरवरी। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कांग्रेस सांसदों का दावा है कि सरकार को सदन में जवाब देना होगा। इसके साथ ही, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने की अनुमति मिलनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कहा कि संसद में जवाब तो देना पड़ेगा। आपने पूरा देश अमेरिका के हाथों गिरवी रख दिया है। आपने देश के किसानों को तबाह और बर्बाद कर दिया। यह देश की रीढ़ पर सीधा हमला है। ट्रंप ने जो कहा और जो डील सामने आई है, वह बिल्कुल स्पष्ट है। आपने अभी कहा है कि आटा और चावल नहीं लिया जाएगा, लेकिन मक्का, सोयाबीन, सेब आदि सब शामिल कर दिए गए हैं। हमारे किसानों का क्या होगा।
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष किसी मुद्दे पर बोलना चाहें तो उन्हें बार-बार रोका जा रहा है। यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है। विपक्ष चाहता है कि सदन चले और विपक्षी सांसदों की सुनी जाए। लेकिन बार-बार सदन को स्थगित कर दिया जाता है।
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि अमेरिका के साथ हुई संधि को लेकर लोगों में, खासकर किसानों में बड़ी बेचैनी है। जिस तरह का दबाव दिख रहा है और अमेरिका के सामने जिस तरह सरेंडर किया गया, वह देशहित में नहीं है। विपक्ष इस मुद्दे को उठाना चाहता था, लेकिन उससे पहले ही स्पीकर ने सदन स्थगित कर दिया। हम चाहते हैं कि लोकसभा में इस पर विस्तार से चर्चा हो। पता चले कि किस मजबूरी या दबाव के कारण हमारी सरकार को अमेरिका के सामने झुकना पड़ा।
उन्होंने कहा कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने संसद में जिस तरह की अपमानजनक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, उसके बाद विपक्ष, खासकर कांग्रेस के सदस्यों में भारी रोष था। उसी भावना को व्यक्त करने के लिए चैंबर में जाना पड़ा। ऐसा लगता है कि यह पूरी साजिश सरकार की ओर से थी ताकि विपक्ष पर, खासकर राहुल गांधी पर हमला किया जा सके। निशिकांत दुबे जैसे लोग देश की परंपरा, संस्कृति और संस्कार खत्म करने पर लगे हुए हैं। संसद में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल शायद पहली बार हुआ होगा।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष के नेता को बोलने और बहस शुरू करने का अधिकार होता है, जिसे इस सदन में पूरी तरह नकार दिया गया है। हमारा एकमात्र एजेंडा यह है कि विपक्ष के नेता को बोलने की अनुमति दी जाए। असली बात यह है कि भारत के किसान इस भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर बहुत चिंतित हैं। संसद बहस और चर्चा के लिए होती है। हम संसदीय प्रणाली को अच्छी तरह जानते हैं। हमारा एकमात्र मकसद है कि विपक्ष के नेता को बोलने दिया जाए।
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि हमारी मांग बहुत आसान है, राहुल गांधी को बोलने दिया जाए। सारे विपक्षी दलों के नेताओं को बोलने का मौका मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री को भी बोलना चाहिए। 'मन की बात' कर सकते हैं, लेकिन लोकसभा में भी उन्हें बोलना चाहिए। राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा है, लोकतंत्र कहां है?