मुंबई, 5 फरवरी। महाराष्ट्र में एनसीपी के विलय को लेकर सियासी हलचल तेज है। इस बीच शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने कहा कि अभी बस चर्चा चल रही है। जब पूरा मामला सामने आएगा, तभी ये तय होगा कि इस पर हमारी क्या राय हो सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, शिवसेना, कम्युनिस्ट या समाजवादी पार्टी का इस मामले में कोई रोल नहीं है।
राउत ने कहा कि अजित पवार अब नहीं रहे और शरद पवार हमेशा उनके अभिभावक रहे हैं। जो मूल पार्टी अजित पवार के पास थी, वह शरद पवार की ही है। अमित शाह और चुनाव आयोग ने इस पर मिलकर कुछ निर्णय लिया। अजित पवार के हाथ में पार्टी सौंपी गई, जैसे शिवसेना शिंदे को भी सौंपी गई। इस पूरे मसले में अब दोनों पक्षों के बीच मामला चल रहा है और जब आधिकारिक निर्णय आएगा तभी इस पर खुलकर बात की जा सकती है।
संजय राउत ने कहा, "शरद पवार महाराष्ट्र विकास अघाड़ी में हैं। उनकी पार्टी अभी भी इंडिया ब्लॉक में है। जब उनका कोई निर्णय होगा और वह आधिकारिक तौर पर सामने आएगा, तब सबको बताया जाएगा और उसके बाद ही लोग रिएक्शन देंगे।"
राउत का कहना है कि पूरा मामला फिलहाल अभी चल रहा है। किसी तरह का फैसला या राय अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आई है। जब शरद पवार या उनकी पार्टी कोई बयान देंगे, तभी सही स्थिति समझ में आएगी और उसके बाद ही राजनीतिक हलचल और रिएक्शन को लेकर बात की जा सकती है।
इस दौरान उन्होंने दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पुत्र पार्थ पवार को मिली क्लीन चीट पर भी प्रतिक्रिया दी। राउत ने कहा कि यहां सरकार उनकी है, मुख्यमंत्री उनके हैं और गृहमंत्री उनके हैं। इसका मतलब है कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि उनकी पार्थ पवार से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, लेकिन अगर किसी का नाम आया है तो उसकी जिम्मेदारी भी उसी की है। उन्होंने कहा कि हर किसी को जांच में जाकर अपने आप को क्लीन करना चाहिए।