मदरसों की जांच पर भड़के दलवई: बोले, पहले RSS-मंदिरों की विदेशी फंडिंग खंगालो, मुस्लिमों को ही क्यों निशाना?

मदरसों की जांच केवल मुस्लिमों को टारगेट करने की साजिश: हुसैन दलवई


मुंबई, 5 फरवरी। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर के मदरसों की जांच के आदेश दिए हैं। इसको लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता हुसैन दलवई ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मदरसों की विदेश फंडिंग की जांच करनी है तो करें, लेकिन पहले आरएसएस और अन्य मंदिरों को की जाने वाली फंडिंग की जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चे गरीब परिवारों से आते हैं। मुसलमानों की यह अच्छी आदत है कि लोग गरीबों की मदद करते हैं। जैसे ईद या किसी अन्य त्योहार पर, वे अपने गांव में गरीब बच्चों के घर जाकर भी त्योहार मनाने की व्यवस्था करते हैं। यह समाज के लिए अच्छी चीज है।

मदरसों को विदेश से फंडिंग की जांच के आदेश पर दलवई ने कहा कि पहले यह देखिए कि बड़े-बड़े मंदिरों और आरएसएस को फंड कहां से मिलता है। बड़े पैमाने पर उनके पास भी विदेशी फंडिंग होती है। फिर मदरसों को ही क्यों टारगेट किया जा रहा है? यह पूरी तरह गलत है। उनका कहना है कि जानबूझकर मुसलमानों को परेशान किया जा रहा है। हर वक्त मुसलमानों के खिलाफ कोई न कोई कदम उठाया जाता है ताकि हिंदुओं को भड़काकर वोट बैंक बनाया जा सके।

दलवई ने कहा कि कुछ पार्टियों की राजनीति मुस्लिम विरोधी वातावरण बनाने की है ताकि चुनाव में हिंदू वोट को भड़काया जा सके। उन्होंने कहा कि मदरसों को टारगेट करना, असम में क्रिश्चियन समुदाय के खिलाफ माहौल बनाना और फिर वोट लेने के लिए धर्म का मुद्दा उठाना, यही इनकी रणनीति है।

उन्होंने यूपी में विकास की कमी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर यूपी में गरीब आदमी को सही काम और अवसर मिलते तो वह बाहर क्यों जाता? आज गरीब मजदूर महाराष्ट्र में आकर 12 घंटे काम करते हैं, कम मजदूरी में, क्योंकि उन्हें अपने प्रदेश में काम नहीं मिल रहा है।

लव जिहाद और धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर दलवई ने कहा कि किससे शादी करनी है और किस धर्म का पालन करना है, यह व्यक्तिगत फैसला है। जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करना गलत है। अगर मोहब्बत सच्ची है तो धर्म का मामला क्यों बनता है? इस तरह की चीजें केवल राजनीति के लिए बनाई जाती हैं।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू के बीच हुई नोकझोंक पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को देश का दुश्मन कहना गलत है। असली दुश्मन तो भाजपा है। पहले यह देखें कि केंद्र की नीतियां और समझौते किसके खिलाफ हैं। किसानों का फायदा पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। जो समझौते अमेरिका के साथ किए गए, उससे किसानों की उपज और उनका काम प्रभावित हो रहा है। देशद्रोह कौन कर रहा है, इसे जनता साफ देख रही है। दलवई ने कहा कि राहुल गांधी किसी समुदाय का अपमान नहीं करते। जो बयान उनके खिलाफ बनाए जाते हैं, वह जानबूझकर फैलाए जाते हैं।

उन्होंने पीएम मोदी और ट्रंप के रिश्तों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी क्यों ट्रंप से डरते हैं? हर बार उनकी बात मान लेते हैं, यह जनता के लिए सही नहीं है। टैक्स और टैरिफ को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए कि इससे हमारे उत्पाद और किसानों को नुकसान होगा।

दलवई का कहना है कि यह सारी चीजें सिर्फ राजनीतिक माहौल बनाने के लिए की जा रही हैं। मदरसों को टारगेट करना, मुस्लिमों को परेशान करना और धर्म का मुद्दा उठाना, यह सब सिर्फ वोट बैंक की राजनीति है।
 

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