नई दिल्ली, 5 फरवरी। समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने लोकसभा में विपक्षी सदस्यों के सत्ता पक्ष की बेल तक जाने पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो यह गलत है।
लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित रही। कई बार सदन को स्थगित करना पड़ा। विपक्ष के कई सदस्य अपनी कुर्सियों से उठकर बेल में पहुंच गए। वे आगे बढ़ते हुए सत्ता पक्ष के बेल तक जा पहुंचे थे। इसी हंगामे के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन भी टल गया।
गुरुवार को समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, "प्रधानमंत्री को बोलना चाहिए था। अगर ऐसा नहीं हो पाया तो यह लोकतंत्र के खिलाफ है। किसी को बोलने से रोकना गलत है। संसद बोलने, चर्चा करने, बहस करने और सवाल पूछने के लिए ही है।"
हालांकि, कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने विरोध प्रदर्शन करने वाले विपक्ष के सदस्यों का बचाव किया। सदन में सत्तापक्ष की बेल तक विपक्ष के सांसदों के पहुंचने पर उन्होंने कहा, "लोकतंत्र के इतिहास में ऐसे कई अवसर देखने को मिले, जब सांसद बेल के अंदर जाते हैं। पहले की तरह ही हमारे सांसद वहां तक जाते रहे हैं।"
इसके साथ ही, प्रमोद तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री निर्वाचित हुए हैं। भारत की लोकसभा में उनका मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से उत्तरदायी है। पहली बार देश के इतिहास में ऐसा होगा कि भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौता और एमएम नारायण की किताब के बाद प्रधानमंत्री इतना नैतिक साहस नहीं जुटा पा रहे हैं कि देश की जनता और संसद का सामना कर सकें।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि देश के लोकतंत्र का इतिहास कलंकित हुआ है। महामहिम राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री को जवाब देना था, लेकिन उन्होंने इस अभिभाषण का अनादर किया है और राष्ट्रपति पद की गरिमा को कम किया है।