काठमांडू, 4 फरवरी। नेपाल में 5 मार्च को होने वाले संसदीय चुनावों की तैयारियों के बीच चुनावी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नेपाल सेना को बुधवार से देशभर में तैनात कर दिया गया है।
एकीकृत चुनाव सुरक्षा योजना के तहत नेपाल सरकार ने शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव संपन्न कराने के लिए कुल 79,727 सैनिकों की तैनाती का फैसला किया है। ये जवान नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और अस्थायी रूप से नियुक्त चुनाव पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। चुनाव में अब एक महीने से भी कम समय बचा है, ऐसे में प्रतिनिधि सभा के चुनावों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है।
नेपाल सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत ने आईएएनएस से कहा, “नेपाल सरकार के फैसले और एकीकृत सुरक्षा योजना के अनुरूप नेपाल सेना को तैनात किया गया है। चुनावी सुरक्षा के तहत हमने विभिन्न स्थानों पर बेस स्थापित किए हैं और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ संयुक्त गश्त भी शुरू कर दी गई है।”
योजना के तहत नेपाल सेना हवाई अड्डों, जेलों और अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर पुलिस बल की जगह तैनात होगी, जिससे पुलिसकर्मियों को मैदानी स्तर पर चुनावी ड्यूटी के लिए लगाया जा सकेगा।
बस्नेत ने बताया कि संयुक्त गश्त के दौरान मतदान केंद्रों का आकलन किया जा रहा है ताकि उसी के अनुसार सुरक्षा प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। एकीकृत सुरक्षा योजना के तहत सुरक्षा व्यवस्था को तीन चरणों में लागू किया जाएगा—चुनाव पूर्व, मतदान के दौरान और चुनाव बाद।
चुनाव पूर्व चरण में नेपाल सेना मतपत्रों की छपाई की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा, “सभी सुरक्षा एजेंसियों के जवानों के साथ संयुक्त अभ्यास, अलग-अलग जमीनी गश्त और नेपाल सेना द्वारा हवाई गश्त जारी रहेगी।”
योजना के अनुसार, मतदान केंद्रों की सुरक्षा तीन घेरों में की जाएगी। पहले सुरक्षा घेरे में नेपाल पुलिस की तैनाती होगी, जैसा कि पूर्व के चुनावों में होता रहा है। दूसरे घेरे में सशस्त्र पुलिस बल, नेपाल को तैनात किया जाएगा, जबकि तीसरे और बाहरी घेरे की जिम्मेदारी नेपाल सेना संभालेगी। हालांकि, परिस्थितियों के अनुसार इन सुरक्षा घेरों की व्यवस्था में बदलाव भी किया जा सकता है।
चुनाव बाद के चरण में मतपेटियों के सुरक्षित परिवहन, मतदान केंद्रों की सुरक्षा और मतगणना केंद्रों की रक्षा के लिए भी सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी।
इस योजना के तहत कुल मिलाकर 3.38 लाख से अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया जाएगा, जिनमें नेपाल सेना, नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल, चुनाव पुलिस, खुफिया एजेंसियों और अन्य सुरक्षा इकाइयों के जवान शामिल होंगे।