भोपाल, 4 फरवरी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को कहा कि किसानों का सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकार किसानों के हितों की रक्षा और उनकी आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है कि किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य समय पर और बिना किसी बाधा के मिले।
उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन 2025-26 के दौरान 51.74 करोड़ मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद हुई, जो राज्य की किसान-केंद्रित नीतियों की सफलता को दर्शाती है।
यादव ने कहा कि किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी-आधारित भुगतान प्रणाली लागू की गई है, जिसके तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सीधे उनके बैंक खातों में जमा किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि खरीफ सीजन के दौरान सामान्य धान का एमएसपी 2,369 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो पिछले सीजन के एमएसपी से 69 रुपए अधिक है।
यादव ने एक बयान में कहा कि एमएसपी में यह वृद्धि किसानों की उपज के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा उठाया गया एक ठोस कदम है।
बयान में यह भी कहा गया है कि पिछले खरीफ सीजन में धान का एमएसपी 2,300 रुपए प्रति क्विंटल था। उस सीजन में अधिसूचित एमएसपी पर 669,272 धान उत्पादक किसानों से कुल 43.2 करोड़ मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी।
इस वर्ष धान की खरीद के लिए राज्य भर में कुल 1,436 खरीद केंद्र स्थापित किए गए थे। इन केंद्रों के माध्यम से सीजन के दौरान 5,174,792 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई।
खरीदे गए धान में से 4,838,637 मीट्रिक टन से अधिक धान का परिवहन पहले ही पूरा हो चुका है, और इसमें से 4,630,021 मीट्रिक टन गुणवत्ता परीक्षण के बाद स्वीकार कर लिया गया है।
यादव ने बताया कि इस सीजन में खरीदी गई धान के आधार पर कुल एमएसपी मूल्य 12,259 करोड़ रुपए अनुमानित किया गया है, जिसमें से लगभग 11,000 करोड़ रुपए सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित किए जा चुके हैं।
उन्होंने आगे कहा कि खरीद भुगतानों ने किसानों को मजबूत वित्तीय सहायता प्रदान की है, जिससे वे अगले फसल सीजन की तैयारी अधिक आत्मविश्वास के साथ कर पा रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि धान खरीद की पूरी प्रक्रिया पर राज्य सरकार द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ शीघ्रता से मिल सके।