नई दिल्ली, 4 फरवरी। संसद से आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि विपक्ष को सदन के भीतर बोलने की इजाजत नहीं मिल रही है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा में किस तरह का संयम है। राहुल गांधी को 45-46 मिनट तक बोलने नहीं दिया गया। दो वाक्य भी नहीं बोलने दिए गए, जबकि वे सिर्फ पांच वाक्य बोलना चाहते थे, जिसमें एक मिनट भी नहीं लगता।
उदित राज ने कहा कि पहले भी लगभग सौ सांसदों को निलंबित किया जा चुका है। इससे साफ दिखता है कि विपक्ष को अपनी बात रखने की इजाजत नहीं दी जा रही है। यह निलंबन पूरी तरह गलत है। लोकतंत्र खतरे में है, देश की सुरक्षा भी खतरे में है और हमारी स्थिति काफी हद तक कमजोर हो चुकी है।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि क्या हालात हो गए हैं। पहले विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया गया। यह कहा गया कि किताब का हवाला नहीं दे सकते। विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है, सदन को बार-बार स्थगित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने की जहमत नहीं उठाई। सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे से बात नहीं कर रहे हैं। नुकसान देश की जनता का हो रहा है। दोनों पक्षों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। आज सदन के इतिहास में बहुत दुखद दिन रहा।
सपा सांसद रामजी लाल सुमन ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच हुई नोकझोंक पर कहा कि भाजपा अब तनाव पैदा कर रही है। मुझे नहीं पता कि राहुल गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू के बीच क्या बातचीत हुई थी। लेकिन इन दोनों के बीच जो भी हुआ है, उसे जाति या धर्म के नाम पर लेबल नहीं किया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेता भाई जगताप ने कहा कि राहुल गांधी ने सच्चाई बयान की है। रवनीत सिंह बिट्टू को राजनीतिक पहचान कांग्रेस ने दी। तीन बार कांग्रेस के टिकट पर वह चुनकर आते थे, तब जाकर उनकी पहचान हुई। वरना उससे पहले उन्हें कौन जानता था। उस समय संबंध बहुत अच्छे रहे। हम लोग जैसे एक दूसरे को संबोधित करते हैं। अगर राहुल गांधी ने कहा कि माई ट्रेटर फ्रेंड। वह ट्रेटर भी कह सकते थे।