अमरावती, 4 फरवरी। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगनमोहन रेड्डी ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को चेतावनी दी कि अगर राज्य में 'जंगलराज' जारी रहा तो पार्टी कार्यकर्ता उसी अंदाज में जवाब देंगे और सबक सिखाएंगे।
पूर्व सीएम ने कहा कि आंध्र प्रदेश में हम जंगलराज देख रहे हैं। राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो चुकी है। हालात ऐसे हैं कि चंद्रबाबू नायडू अपने राजनीतिक हितों के लिए सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था का दुरुपयोग कर रहे हैं।
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष जगनमोहन रेड्डी यह बयान गुंटूर में वाईएसआरसीपी नेता और पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू के परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना देने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान दे रहे थे।
उन्होंने कहा कि तिरुपति लड्डू मिलावट मामले में जब चंद्रबाबू नायडू का झूठ सामने आ गया, तो वह तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।
जगनमोहन रेड्डी ने कहा कि केंद्रीय प्रयोगशालाओं से क्लीन चिट मिलने के बावजूद अब गठबंधन सरकार इस मुद्दे की जांच के लिए एक और समिति गठित कर मामले को नया रूप देने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इसका फैसला लिया गया।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई की एसआईटी द्वारा दाखिल चार्जशीट में कहीं भी यह उल्लेख नहीं है कि लड्डू में जानवरों की चर्बी का इस्तेमाल किया गया था। साथ ही, उस समय के किसी भी टीटीडी अध्यक्ष या वाईएसआरसीपी के किसी सदस्य का नाम चार्जशीट में नहीं है।
जगनमोहन रेड्डी ने कहा कि सीबीआई एसआईटी की चार्जशीट के साथ संलग्न एनडीडीबी और एनडीआरआई की रिपोर्ट में साफ तौर पर बताया गया है कि चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद भेजे गए घी के नमूनों में किसी भी तरह की जानवरों की चर्बी नहीं पाई गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीडीबी और एनडीआरआई की लैब रिपोर्ट से चंद्रबाबू नायडू के झूठ उजागर हो जाने के बावजूद उन्होंने माफी मांगने के बजाय लोगों का ध्यान भटकाने के लिए गलत जानकारी फैलाई और राजनीतिक विरोधियों को बदनाम करने के लिए पूरे राज्य में भड़काऊ पोस्टर लगवाए, वह भी पुलिस की मौजूदगी में।
वाईएसआरसीपी प्रमुख ने इसे चंद्रबाबू नायडू, उनके बेटे नारा लोकेश और पवन कल्याण की साजिश बताया, जिसका मकसद लैब रिपोर्ट से ध्यान हटाना है।
उन्होंने कहा कि जब अंबाती रामबाबू, जोगी रमेश, विदादला रजनी, काकानी गोवर्धन रेड्डी और बोल्ला ब्रह्मानायडू जैसे नेताओं ने सत्ता के इस दुरुपयोग पर सवाल उठाए, तो उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए गए। साथ ही, टीडीपी के गुंडों ने अंबाती रामबाबू और जोगी रमेश के घरों पर घातक हथियारों से हमला किया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अंबाती रामबाबू को टीडीपी की गुंडागर्दी का शिकार होना पड़ा और उनके खिलाफ झूठे केस दर्ज किए गए, जिससे साफ है कि राज्य में जंगलराज लगातार जारी है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “हम चुप बैठने वाले नहीं हैं। आने वाले दिनों में हम सभी विकल्पों पर विचार करेंगे और पूरी ताकत के साथ इस लड़ाई को लड़ेंगे।”
जगनमोहन रेड्डी ने कहा कि इन हमलों के लिए जिम्मेदार सभी लोगों और आरोपियों को आने वाले समय में इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।