नई दिल्ली, 4 फरवरी। दिल्ली विधानसभा में चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने पंजाब पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया है। दिल्ली के मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने इस फैसले का स्वागत किया है।
यह फैसला बुधवार को आया। मामला दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा की शिकायत और एक सिख व्यक्ति, इकबाल सिंह की ओर से दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। दिल्ली के मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस फैसले का स्वागत किया।
मंजिंदर सिंह सिरसा ने लिखा, "आज, दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने आतिशी वीडियो मामले का संज्ञान लिया है और पंजाब पुलिस की कार्रवाई को विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया है। उनके इस निर्णायक कदम ने सदन की गरिमा को बनाए रखा है और सच्चाई सामने लाई है। जो बात सबसे ज़्यादा दुख पहुंचाती है, वह है इस पूरे मामले में आतिशी जी का व्यवहार।"
उन्होंने आगे लिखा, "पहले, उन्होंने सदन में एक बयान दिया जिससे सिख भावनाओं को ठेस पहुंची। फिर, माफ़ी मांगने और यह स्वीकार करने के बजाय कि उन्होंने एक बड़ी गलती की है, पूरी 'आप' मशीनरी उनके बचाव में आगे आई और पंजाब पुलिस का गलत इस्तेमाल करके तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने की कोशिश की और वीडियो क्लिप को एडिटेड/छेड़छाड़ किया हुआ साबित करने की कोशिश की! आतिशी, आपका यह राजनीतिक स्टंट कुछ समय तक चल सकता है, लेकिन सच आखिरकार सामने आ ही जाता है। आप सच्चाई को हमेशा के लिए नहीं छिपा सकतीं।"
यह विवाद 6 जनवरी 2026 को दिल्ली विधानसभा में शुरू हुआ था। उस दिन गुरु तेग बहादुर जी की शहादत की 350वीं वर्षगांठ पर चर्चा के दौरान विपक्ष की नेता और आम आदमी पार्टी (आप) की विधायक आतिशी ने कुछ बयान दिए। इन बयानों को लेकर आरोप लगा कि उन्होंने सिख गुरुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई। भाजपा विधायकों ने हंगामा किया और सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। बाद में दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने सदन की कार्यवाही का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसमें आतिशी के कथित आपत्तिजनक बयान दिखाए गए।
'आप' ने इस वीडियो को 'एडिटेड' या 'छेड़छाड़ किया हुआ' बताया। इसके बाद पंजाब पुलिस ने जालंधर में एक शिकायतकर्ता इकबाल सिंह की शिकायत पर कपिल मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। पंजाब पुलिस ने दावा किया कि उनकी फॉरेंसिक रिपोर्ट से वीडियो में छेड़छाड़ साबित हुई है। पंजाब के डीजीपी और जालंधर पुलिस आयुक्त ने दिल्ली विधानसभा को जवाब भेजा कि कार्रवाई कानूनी आधार पर की गई और यह विधायी विशेषाधिकार के दायरे में नहीं आता।
लेकिन दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इन स्पष्टीकरणों को असंतोषजनक ठहराया। उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही से जुड़े वीडियो पर बिना पूर्व सत्यापन के कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है। दिल्ली की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी से प्राप्त स्वतंत्र रिपोर्ट में वीडियो को असली पाया गया और आतिशी के बयान सदन के रिकॉर्ड से मेल खाते हैं। पंजाब पुलिस द्वारा जरूरी दस्तावेज जैसे प्राथमिकी की कॉपी, शिकायत और फॉरेंसिक रिपोर्ट न देने पर भी नाराजगी जताई गई। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 361'ए' के तहत विधानसभा कार्यवाही की सत्य रिपोर्ट पर आपराधिक कार्रवाई नहीं हो सकती।