नवांशहर, 4 फरवरी। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच हुई तीखी नोकझोंक पर कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने कहा कि गद्दार को गद्दार कहना कौन सा अपराध है? राहुल गांधी ने सरदारों का अपमान नहीं किया, बल्कि जो भी कहा बिट्टू को कहा है। एक वक्त तक राहुल गांधी को अपनी प्रेरणा मानने वाले बिट्टू राहुल गांधी पर झूठे आरोप लगा रहे हैं, जबकि राहुल गांधी ने तो उनसे हाथ मिलाने के लिए हाथ आगे बढ़ाया था।
संसद परिसर में राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच नोकझोंक हुई। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि चिंता मत करो, तुम वापस आओगे। हालांकि, इस दौरान राहुल गांधी ने बिट्टू को गद्दार भी कहा था। इसके बाद रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे उन पर हमला करना चाहते थे।
केंद्रीय मंत्री के आरोपों पर कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह ने कहा कि बिट्टू बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन यह कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी ही हैं, जिन्होंने उन्हें आज इस मुकाम तक पहुंचाया है। वही कांग्रेस पार्टी, जिसे वह अब गाली दे रहे हैं, आज भी उनके दामाद उसी पार्टी से टिकट मांग रहे हैं। राहुल गांधी के खिलाफ आपकी भाषा शोभा नहीं देती है। सत्ता में आप चले गए हैं, लेकिन उस व्यक्ति के अहसानों को भूला बैठे हैं, जिसने आप पर न जाने कितने अहसान किए।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि बिट्टू को आज जो कुछ भी है, वह किसने बनाया है? राहुल गांधी ने बिट्टू को बचाने के लिए बहुत कुछ किया। उन्होंने उसे तीन बार सांसद का चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया। पहली बार जब टिकट दिया गया तो वह अंबिका सोनी के निर्वाचन क्षेत्र से थे। राहुल गांधी ने अंबिका सोनी से कहा था कि वह चाहते हैं कि बिट्टू वहीं से चुनाव लड़े और वहां से चुनाव जीते, लेकिन जब हारने लगे तो राहुल गांधी ने उन्हें लुधियाना भेजा। असल बात यह है कि राहुल गांधी ने सरदारों को कुछ नहीं कहा है। जो भी कहा है, बिट्टू को कहा है। बिट्टू तो पगड़ी तक नहीं बांधते थे। मेरे पास उनका वीडियो है, जिसमें वह राहुल गांधी को अपनी प्रेरणा बताते हैं कि उनकी वजह से वे पगड़ी बांधते हैं।
आठ सांसदों के निलंबन पर कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने कहा कि हमें इसलिए सस्पेंड किया गया क्योंकि राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया जा रहा था, जिसका हम विरोध कर रहे थे। आज हम शांति से विरोध कर रहे थे जब राहुल गांधी आए और हमारे साथ खड़े हो गए। उसी समय, रवनीत सिंह बिट्टू आए और कहा, 'क्या तुम कारगिल युद्ध जीतकर वापस आए हो या क्या?' इस पर राहुल गांधी ने जवाब दिया, 'नमस्ते, मेरे दोस्त, गद्दार।' इसमें इतनी गंभीर बात क्या है? गद्दार को गद्दार कहना कौन सा अपराध है?