नई दिल्ली, 4 फरवरी। मासिक धर्म के दौरान कई महिलाओं में पेट और कमर में दर्द एक आम समस्या है, जिसे डिस्मेनोरिया कहते हैं। यह दर्द कभी-कभी इतना तेज हो जाता है कि रोजमर्रा के काम करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में प्राकृतिक और घरेलू उपाय अपनाना सबसे अच्छा तरीका होता है, ताकि बिना दवाइयों के आराम मिल सके। अगर आप भी मासिक धर्म के दौरान पेट और कमर के दर्द से परेशान रहती हैं, तो इन आसान और असरदार घरेलू नुस्खों को अपना सकती हैं।
सबसे पहला उपाय है लहसुन की चटनी। लहसुन में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो दर्द को कम करने में मदद करते हैं। आप सुबह खाली पेट एक चम्मच लहसुन की चटनी ले सकती हैं, इससे पेट में ऐंठन और सूजन कम होती है। यह तरीका लंबे समय से इस्तेमाल किया जा रहा है और कई महिलाओं को फायदा भी मिला है।
दूसरा उपाय है एलोवेरा जेल का सेवन। मासिक धर्म शुरू होने से लगभग पांच दिन पहले रोजाना सुबह 15-20 ग्राम एलोवेरा जेल खाने से पेट की ऐंठन और मिजाज में बदलाव को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। एलोवेरा पेट की गड़बड़ी को भी कम करता है और शरीर को अंदर से ठंडक देता है।
तीसरा तरीका है गर्म पानी की थैली का इस्तेमाल। यह सबसे आसान और तुरंत राहत देने वाला उपाय है। अपने कमर या पेट पर गर्म पानी की थैली रखने से मांसपेशियों की ऐंठन कम होती है और दर्द कुछ ही मिनटों में कम महसूस होने लगता है। इसे रोजाना 10-15 मिनट तक करने से काफी फायदा होता है।
चौथा उपाय है मसाले और बीजों का मिश्रण। एक चम्मच (लगभग 5 ग्राम) मिश्रण जिसमें बराबर मात्रा में भुने हुए मेथी, जीरा, अजवाइन और सौंफ के बीज हों, इसे दूध, छाछ या गुनगुने पानी के साथ दिन में दो बार लेना बहुत फायदेमंद होता है। यह पेट के ऐंठन को कम करता है और मसल्स को रिलैक्स करता है।
पांचवां और सबसे जरूरी उपाय है पर्याप्त आराम, योग और मेडिटेशन। मासिक धर्म के दौरान शरीर को आराम देना बहुत जरूरी है। हल्की-फुल्की योगाभ्यास और मेडिटेशन करने से दर्द कम होता है और मानसिक रूप से भी राहत मिलती है। यह उपाय सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करता है।