खुशखबरी! अमेरिकी टैरिफ घटने से कानपुर लेदर इंडस्ट्री में उछाल, फैक्ट्रियों में लौटी रौनक, मजदूरों की वापसी

यूएस टैरिफ कटौती से कानपुर लेदर इंडस्ट्री को राहत, फैक्ट्रियों में फिर लौटी रौनक


कानपुर, 4 फरवरी। अमेरिका द्वारा लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ में कटौती कर इसे 18 प्रतिशत किया गया है। इसके बाद कानपुर की लेदर इंडस्ट्री को बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से ठप पड़ा चमड़ा निर्यात कारोबार अब धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ता नजर आ रहा है। टैरिफ बढ़ने के कारण जिस इंडस्ट्री में सन्नाटा पसरा हुआ था, वहां अब दोबारा गतिविधियां शुरू हो गई हैं।

शहर की कई लेदर फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन फिर से चालू हो गया है, और काम बंद होने की वजह से जिन मजदूरों को हटाना पड़ा था, उन्हें भी चरणबद्ध तरीके से वापस बुलाया जा रहा है।

उद्योग से जुड़े लोगों के अनुसार, टैरिफ बढ़ने के बाद हालात बेहद खराब हो गए थे। फैक्ट्रियों में करोड़ों रुपए की महंगी मशीनें महीनों तक बेकार पड़ी रहीं, जबकि अमेरिका के लिए तैयार माल गोदामों में जमा होता चला गया। मजबूरी में एक्सपोर्टर्स को यह माल भारी छूट पर घरेलू या अन्य बाजारों में निकालना पड़ा, जिससे उन्हें करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ा। इसके चलते कई फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन पूरी तरह बंद करना पड़ा और लगभग आधी वर्कफोर्स को काम से हटाना पड़ा था, जिससे हजारों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया था।

अब अमेरिका में टैरिफ घटने और यूरोपियन यूनियन के साथ नई ट्रेड डील के बाद उद्योग जगत इसे 'डबल बूस्ट' के रूप में देख रहा है। एक्सपोर्टर्स का मानना है कि इससे न सिर्फ अमेरिका का बाजार एक बार फिर खुलेगा, बल्कि यूरोप से भी नए ऑर्डर मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे आने वाले समय में कानपुर की लेदर इंडस्ट्री की पूरी तरह पटरी पर लौटने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

चमड़ा निर्यात परिषद (सीएलई) के रीजनल चेयरमैन अशद इराकी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि लेदर इंडस्ट्री एक बड़े संकट से गुजर रही थी। उन्होंने बताया कि अगस्त में जब अमेरिका ने टैरिफ बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया था, तब अमेरिका के साथ व्यापार लगभग खत्म हो गया था।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीति के चलते भारत अब अन्य देशों को पीछे छोड़ते हुए अमेरिका के साथ बेहतर टैरिफ शर्तों पर काम करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब भारत पर 18 प्रतिशत का टैरिफ लागू है, जो अन्य देशों की तुलना में काफी कम है और इससे इंडस्ट्री की ग्रोथ दोबारा शुरू होगी। साथ ही, यूरोपीय संघ के साथ हुआ एफटीए देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जो लेदर इंडस्ट्री के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

लेदर इंडस्ट्री वेलफेयर एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी नुरुला आरसी ने कहा कि अब हालात पूरी तरह बदलते नजर आ रहे हैं। कुछ समय पहले हाई टैरिफ की वजह से निर्यात लगभग खत्म हो गया था और नए बाजार तलाशना बेहद मुश्किल हो गया था। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री ने सरकार से मदद की अपील की थी, क्योंकि बिना सहयोग के कारोबार खत्म होता दिख रहा था।

उन्होंने कहा कि टैरिफ में कटौती इंडस्ट्री के लिए संजीवनी साबित हुई है। जो विदेशी बायर पहले बातचीत नहीं कर रहे थे और ईमेल का जवाब तक नहीं दे रहे थे, अब उन्हीं बायर्स के फोन और ईमेल आने शुरू हो गए हैं।

सुपर हाउस ग्रुप के चेयरमैन मुख्तारुल अमीन ने भी टैरिफ कटौती का स्वागत करते हुए कहा कि टैरिफ बढ़ने के बाद इंडस्ट्री की हालत खराब हो गई थी और अमेरिका को होने वाला निर्यात लगभग रुक गया था। उन्होंने कहा कि अब टैरिफ कम होने से उम्मीदें बढ़ी हैं और अमेरिकी बाजार से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। उनका मानना है कि आने वाले समय में कारोबार का दायरा और बड़ा होगा और कानपुर की लेदर इंडस्ट्री एक बार फिर अपनी पुरानी रफ्तार हासिल करेगी।
 

Similar threads

Latest Replies

Trending Content

Forum statistics

Threads
3,737
Messages
3,769
Members
18
Latest member
neodermatologist
Back
Top