अहमदाबाद, 4 फरवरी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के विरोध में सुप्रीम कोर्ट जाने पर भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जनता बंगाल में घुसपैठियों के सहारे सरकार नहीं बनने देगी।
उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के पास अब जनता के सामने रखने के लिए कोई वास्तविक मुद्दा नहीं बचा है। जैसे ही रिवाइज्ड वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट जारी हुआ, टीएमसी ने लगातार उस पर आपत्तियां जतानी शुरू कर दीं। रोहन गुप्ता के अनुसार, अब जब उनकी कथित गड़बड़ियां उजागर हो रही हैं, तो टीएमसी घबराहट में संवैधानिक प्रक्रियाओं पर हमला कर रही है।
भाजपा नेता ने कहा कि टीएमसी कब तक अपनी संकीर्ण राजनीति के लिए संवैधानिक नियमों और संस्थाओं को निशाना बनाती रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को बाउंड्री निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध करानी होगी। रोहन गुप्ता ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि “दीया बुझने से पहले फड़फड़ाता है”, और यही स्थिति टीएमसी की हो गई है। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री किसी भी तरह सत्ता बचाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन इस बार जनता ने मन बना लिया है कि घुसपैठियों के सहारे सरकार नहीं बनने दी जाएगी।
रोहन गुप्ता ने आगे कहा कि टीएमसी ने पश्चिम बंगाल को विकास की मुख्यधारा से वंचित रखा है, जबकि बंगाल का इतिहास देश को नेतृत्व देने का रहा है। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में जनता टीएमसी को “टाटा-बाय-बाय” कहकर राज्य को एक बार फिर विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम करेगी।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा एसआईआर के विरोध पर भी भाजपा नेता ने कड़ा पलटवार किया। रोहन गुप्ता ने कहा कि अगर एसआईआर प्रक्रिया में वास्तव में कोई गलती हुई है, तो मीडिया ट्रायल करने के बजाय संवैधानिक प्रावधानों के तहत आपत्ति क्यों नहीं दर्ज कराई जा रही? उन्होंने कहा कि अब तक इस दावे के समर्थन में एक भी ठोस सबूत पेश नहीं किया गया है।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता मीडिया के सामने बेबुनियाद हौवा खड़ा कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि वे चुनाव नहीं जीत पाएंगे। चुनाव हारने से पहले उसका ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ने की कोशिश की जा रही है। रोहन गुप्ता ने कहा कि इस तरह की नकारात्मक राजनीति ज्यादा समय तक नहीं चल सकती। उनके अनुसार, विपक्ष जनता का विश्वास पहले ही खो चुका है और यही वजह है कि अब उनके पास इस तरह के आरोप लगाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।