जयपुर, 4 फरवरी। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते से राज्य की अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिलेगा और यह "गेम चेंजर" साबित होगा।
उन्होंने कहा कि नए व्यापार समझौते से राजस्थान को "बहुत ज्यादा फायदा" होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए इस समझौते पर खुशी जताते हुए उन्होंने कहा कि यह डील भारत की आर्थिक ताकत और वैश्विक भरोसे को बढ़ाने में मदद करेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अमेरिकी टैरिफ में 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की इस पहल से भारतीय उत्पाद दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे। उन्होंने कहा, "टैरिफ में इस बड़ी कटौती से भारतीय निर्यातकों के लिए बाजार तक पहुंच आसान होगी। यह वैश्विक स्तर पर 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' पहलों को नई गति देगा।"
सीएम ने यह भी कहा कि राजस्थान, जो देश के प्रमुख निर्यात-उन्मुख राज्यों में से एक है, इससे काफी लाभ उठाएगा, खासकर कपड़ा उद्योग, जो राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
उन्होंने कहा, "अमेरिकी बाजार तक आसान पहुंच के साथ, राजस्थान के कपड़ों और टेक्सटाइल उत्पादों की मांग तेजी से बढ़ेगी। यह एमएसएमई के लिए भी फायदेमंद होगा, जो रोज़गार पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।"
राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक और कारीगरी विरासत का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह व्यापार समझौता राज्य के हैंडीक्राफ्ट सेक्टर के लिए नए अवसर खोलेगा। इसमें ब्लू पॉटरी, मिनिएचर पेंटिंग, मार्बल और लकड़ी के शिल्प, और हाथ से बुने हुए कपड़े शामिल हैं।
उन्होंने आगे कहा कि यह डील जयपुर के विश्व प्रसिद्ध रत्न और आभूषण उद्योग के लिए भी राहत और विस्तार के अवसर लाएगी। इससे कारीगरों और व्यापारियों को बेहतर कीमतें और व्यापक बाज़ार मिलेगा।
सीएम के अनुसार, निर्यात में वृद्धि का राज्य की अर्थव्यवस्था पर मल्टीप्लायर प्रभाव पड़ेगा। इससे परिवहन, पैकेजिंग, बैंकिंग और बीमा जैसे संबंधित क्षेत्रों में नए रोज़गार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने सभी हितधारकों और नागरिकों से एक समृद्ध, विकसित और आत्मनिर्भर राजस्थान बनाने के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया।
सीएम शर्मा ने वैश्विक व्यापार में भारत की बढ़ती उपस्थिति की ओर भी ध्यान दिलाया और कहा कि देश ने पिछले छह सालों में नौ बड़े व्यापार समझौते किए हैं। उन्होंने कहा, "जब दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र और अर्थव्यवस्थाएं सहयोग करती हैं, तो इसका फायदा उद्यमियों, श्रमिकों और आम नागरिकों को मिलता है। आज, वैश्विक समुदाय भारत के साथ अपने जुड़ाव को मज़बूत करने के लिए उत्सुक है।"