नंदीग्राम, 4 फरवरी। पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विवाद जारी है। वहीं बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। इस बीच विधानसभा के विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर घुसपैठियों को बचाने और एसआईआर को रोकने का गंभीर आरोप लगाया।
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "यह प्रेस मीट इसलिए बुलाई गई क्योंकि पिछले दो-तीन दिनों से टीएमसी पार्टी और यहां की राज्य सरकार ममता बनर्जी को एक ऐसी नेता के तौर पर पेश करने की कोशिश कर रही हैं जो लड़ रही हैं और कड़े कदम उठा रही हैं। उन्होंने बांग्लादेशी अवैध घुसपैठियों, खासकर बांग्लादेशी मुसलमानों और रोहिंग्याओं को यहां लाए, फर्जी आधार कार्ड बनवाए और उनके नाम वोटर लिस्ट में शामिल करवाए।"
उन्होंने ममता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "ममता बनर्जी का इरादा और उनकी पूरी कोशिश एक ही एजेंडे के इर्द-गिर्द घूमती है। घुसपैठियों, खासकर बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों को बचाना, एसआईआर प्रक्रिया को रोकना और 2024 की वोटर लिस्ट का इस्तेमाल करके आम चुनाव करवाना। यही उनका मकसद है, लेकिन यह मकसद अब तक पूरा नहीं हुआ है, और न ही भविष्य में पूरा होगा।"
भाजपा नेता ने आगे कहा, "फर्जी आधार कार्ड का मामला सबको पता है। कुछ फर्जी आधार कार्ड पकड़े गए हैं। इन्हें केंद्रीय एजेंसियों, एनआईए और दूसरे राज्यों की पुलिस ने पकड़ा है। बंगाल के रास्ते यह समस्या पूरे देश में फैल रही है। ये अवैध घुसपैठिए हैं।"
इससे पहले सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वीएम पंचोली की बेंच ने बुधवार को ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हम समाधान निकालेंगे। जो असली मतदाता हैं, उनका अधिकार कोई नहीं छीन सकता है। हम जिम्मेदारी से नहीं भागेंगे। बेंच ने चुनाव आयोग से कहा कि नामों में गड़बड़ी के आधार पर मतदाताओं को नोटिस भेजते समय सावधानी बरतें।
इस मामले में अगली सुनवाई सोमवार को होगी।