नई दिल्ली, 4 फरवरी। भारत और किर्गिस्तान की स्पेशल फोर्सेस आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभ्यास के लिए साथ आए हैं। असम के मिसामारी में भारत और किर्गिस्तान के बीच होने वाला यह संयुक्त विशेष बल अभ्यास ‘खंजर’ बुधवार को शुरू हो गया है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार अभ्यास ‘खंजर’ का मुख्य मकसद आतंकवाद से निपटने के तरीकों को साझा करना और विशेष बलों की क्षमताओं को और मजबूत करना है। इसमें खास तौर पर शहरी इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाले ऑपरेशनों पर ध्यान दिया जा रहा है।
सैनिकों को लंबी दूरी से सटीक निशाना लगाने, इमारतों के अंदर घुसकर कार्रवाई करने और पहाड़ों में मुश्किल हालात में काम करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। यह अभ्यास दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी तालमेल, विश्वास और समझ को बढ़ाने का काम करेगा। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और उग्रवाद जैसी साझा चुनौतियों से निपटने के लिए संयुक्त तैयारी को भी मजबूत करेगा।
4 फरवरी को असम में शुरू हुआ यह अभ्यास 17 फरवरी तक जारी रहेगा। भारत और किर्गिस्तान के बीच होने वाले खंजर अभ्यास का यह 13वां संस्करण है। दरअसल, यह अभ्यास हर साल आयोजित किया जाता है और दोनों देशों में बारी-बारी से होता है। पिछला अभ्यास मार्च 2025 में किर्गिस्तान में आयोजित किया गया था।
इस अभ्यास में दोनों देशों की सेनाओं से 20–20 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। भारत की ओर से भारतीय सेना की पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेज) के जवान शामिल हैं। वहीं किर्गिस्तान की बात करें तो उनकी ओर से आईएलबीआरआईएस स्पेशल फोर्सेज ब्रिगेड के सैनिक इस महत्वपूर्ण अभ्यास में शामिल हुए हैं।
दोनों सेनाएं मिलकर यहां अलग-अलग तरह के सैन्य अभ्यास करने जा रही हैं। दोनों देशों के जवान इन अभ्यासों से एक-दूसरे के अनुभव और कार्यशैली को समझ सकेंगे। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अभ्यास ‘खंजर’ भारत और किर्गिस्तान के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग का प्रतीक है। यह अभ्यास संदेश देता है कि दोनों देश क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।