नई दिल्ली, 4 फरवरी। संसद में बजट सत्र के दौरान विपक्ष और सरकार के बीच तीखी नोक-झोंक जारी रही। केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा ने कहा कि सदन का हर सत्र महत्वपूर्ण होता है, लेकिन विपक्ष के लोग शोर कर रहे हैं, जिससे सदन चल नहीं पा रहा है।
केंद्रीय मंत्री बी.एल. वर्मा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि विपक्ष के लोग विशेष रूप से बजट सत्र और विपक्ष द्वारा हंगामा करके व्यवधान पैदा करना देश की जनता के सामने नकारात्मक संदेश देता है। यहां अपने विचार रखने चाहिए, लेकिन उनके पास शोर मचाने के अलावा कुछ नहीं है।"
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, "उन्हें जो कॉपी देना है वे दे सकते हैं। इस तरह की भूमिका रखना ठीक नहीं है। इसमें कुछ नया नहीं है; इससे पहले भी राहुल गांधी ने कई गलत बयान दिए थे। लेकिन राहुल गांधी का बयान ठीक नहीं है। विपक्ष के नेता के नाते उन्हें ऐसा बयान नहीं देना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में आएंगे और नरेंद्र मोदी अपना भाषण देंगे।"
एलजेपी (रामविलास) सांसद राजेश वर्मा ने कहा, "प्रधानमंत्री राष्ट्रपति अभिभाषण पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। देश की सुरक्षा में खड़े जवानों के मनोबल को नीचा दिखाने का काम यदि विपक्ष के नेता करें, सदन को चलने ना दें, हम सांसदों को अपनी बात रखने का मौका ना दें, तो क्या इस तरीके से सदन चलने की बात राहुल गांधी और प्रियंका गांधी करते हैं?"
भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा, "ममता बनर्जी के पास और कोई मुद्दा नहीं है। वो अपना भविष्य देख रही हैं। इस बार 2026 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की छुट्टी होने वाली है। पश्चिम बंगाल से उनका जाना तय है, तो वो ऐसी स्थिति में एसआईआर को लेकर पूरे देश में एक नैरेटिव बनाना चाहती हैं। चुनाव आयोग ने एक सही काम किया और निष्पक्ष तरीके से सब हो रहा है।"
भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने कहा, "ममता बनर्जी को किसी पर भरोसा नहीं लगता। इससे पता चलता है कि उन्हें अपने वकीलों पर भी भरोसा नहीं है, इसीलिए वह खुद केस लड़ना चाहती हैं। एसआईआर का मामला पहले ही सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है।"