नई दिल्ली, 4 फरवरी। ईरान की मांग है कि इस हफ्ते अमेरिका के साथ बातचीत तुर्किए में नहीं बल्कि ओमान में हो। इसके साथ ही ईरान ने मांग की है कि दोनों पक्षों के बीच इस बैठक का दायरा सिर्फ न्यूक्लियर मुद्दों पर दो-तरफा बातचीत तक सीमित रखा जाए।
शुक्रवार को इस्तांबुल में होने वाली बातचीत की जगह और एजेंडा बदलने का ईरान का कदम अमेरिका के मिडिल ईस्ट में सेना बढ़ाने से बढ़े तनाव के बीच आया है। अमेरिकी सेना की तरफ से जानकारी दी गई है कि सेना ने मंगलवार को एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया जो अरब सागर में अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर के पास आक्रामक तरीके से आ गया था।
अमेरिकी मीडिया ने बताया कि यूएस सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि मंगलवार को पहली घटना में अमेरिकी सेना ने एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया, जब बिना पायलट वाला एयरक्राफ्ट यूएसएस अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर के पास तेजी से आ रहा था, जो ईरान के दक्षिणी तट से लगभग 500 मील दूर अरब सागर से गुजर रहा था।”
हॉकिन्स ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में काम कर रही अमेरिकी सेना के डी-एस्केलेटरी उपायों के बावजूद ईरानी ड्रोन जहाज की ओर उड़ता रहा। लिंकन के एक एफ-35सी फाइटर जेट ने कैरियर और उसके लोगों की सुरक्षा के लिए ड्रोन को मार गिराया।”
हॉकिन्स ने कहा, “इस घटना के दौरान किसी भी अमेरिकी सर्विस मेंबर को कोई नुकसान नहीं हुआ, और किसी भी अमेरिकी हथियारों को नुकसान नहीं हुआ।”
अमेरिकी मीडिया ने तस्नीम न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया कि ईरान के आईआरजीसी ड्रोन से संपर्क टूट गया जब वह अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय पानी के ऊपर निगरानी मिशन पर था।
एजेंसी ने एक जानकार ईरानी सोर्स के हवाले से बताया कि ड्रोन ने खोने से पहले आईआरजीसी कमांड सेंटर में अपने ऑपरेटरों को सफलतापूर्वक अपनी निगरानी फुटेज भेज दी थी। संपर्क टूटने की वजह की जांच की जा रही है और पुष्टि होने के बाद डिटेल्स बताई जाएंगी।”