बेंगलुरु, 4 फरवरी। बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पटना के कुख्यात अपराधी मनोज सिंह और उसके बेटे माणिक सिंह को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया है।
दोनों करीब पांच साल से फरार थे और पटना के नौबतपुर इलाके में दहशत फैलाने के लिए बदनाम थे। माणिक सिंह पर 24 से ज्यादा हत्याओं के आरोप हैं, साथ ही जबरन वसूली, अपहरण और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन सहित 40 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, मनोज सिंह और माणिक सिंह एक संगठित अपराध सिंडिकेट चला रहे थे। वे बिल्डरों, व्यापारियों और बिजनेसमैन से रंगदारी वसूलते थे। इन पर बिहटा कोर्ट हत्याकांड समेत लूट, हत्या और अन्य संगीन अपराधों के मामले थे। दोनों पर गिरफ्तारी की जानकारी देने के लिए 3-3 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। साल 2015 में उन्हें पहले गिरफ्तार किया गया था। लेकिन, जमानत मिलने के बाद वे फिर से अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गए और फरार हो गए।
एसटीएफ ने लंबी खुफिया निगरानी और सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। गिरफ्तारी के दौरान एनकाउंटर के डर से दोनों ने पहले एक वीडियो वायरल किया था, लेकिन एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। अब पूछताछ में गैंग के पूरे नेटवर्क, उनके साथी, तस्करी के रास्ते और अन्य अपराधों की जानकारी जुटाई जा रही है।
बिहार पुलिस ने कहा है कि संगठित अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए ऐसी कार्रवाइयां जारी रहेंगी। आम लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें। इस सफलता से बिहार में कानून-व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिलेगी और ऐसे गैंग्स पर लगाम लगेगी।