चमोली, 4 फरवरी। केंद्र सरकार की ओर से संचालित प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकता योजना (पीएम-एफएमई) चमोली जिले के छोटे और घरेलू खाद्य उद्यमियों के लिए वरदान साबित हो रही है। यह योजना न केवल स्वरोजगार को बढ़ावा दे रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा रही है।
पीएम-एफएमई योजना का मुख्य उद्देश्य देशभर में फैले माइक्रो फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को संगठित करना, उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करना और आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को 35 प्रतिशत तक की क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी दी जाती है, जिससे वे अपने छोटे खाद्य व्यवसाय को बेहतर ढंग से विकसित कर सकें। इस आर्थिक सहयोग से मशीनरी खरीद, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और गुणवत्ता सुधार में मदद मिल रही है।
योजना के तहत अचार, मसाले, बेकरी उत्पाद, दालें, डेयरी उत्पाद, मोटे अनाज (मिलेट्स) और स्थानीय पारंपरिक खाद्य उत्पादों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसके साथ ही लाभार्थियों को प्रशिक्षण, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उनके उत्पाद बाजार में बेहतर पहचान बना सकें।
पीएम-एफएमई योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता ‘एक जिला एक उत्पाद' (ओडीओपी) है। इसके तहत हर जिले के पारंपरिक और विशिष्ट उत्पाद को बढ़ावा दिया जाता है। चमोली जैसे पहाड़ी जिले में यह पहल स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में सहायक सिद्ध हो रही है। इससे न केवल पलायन पर रोक लगने की उम्मीद है, बल्कि युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
योजना के लाभार्थी देवराज सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "पीएम-एफएमई योजना से उन्होंने अपना स्वरोजगार शुरू किया है। वे मसाले, आटा सहित अन्य स्थानीय उत्पादों का उत्पादन और विक्रय कर रहे हैं, जिससे उन्हें अच्छा लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि सरकारी सहयोग से उनका व्यवसाय लगातार आगे बढ़ रहा है और उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार का आभार भी व्यक्त किया।"
उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि पीएम-एफएमई योजना से छोटे उद्यमी आत्मनिर्भर बनेंगे और देश के आर्थिक विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
देवराज सिंह ने कहा कि यह योजना काफी अच्छी है, इससे आम लोगों को काफी फायदा पहुंचने वाला है। हमने पांच-छह महीने से इस योजना को लिया है, इससे हमको काफी फायदा हो रहा है।