प्रदूषण, धूप और उम्र के निशान से बेदाग त्वचा दिलाएगा मोरिंगा ऑयल, जानें इसके चमत्कारी फायदे

प्रदूषण और धूप से खराब स्किन के लिए असरदार है मोरिंगा ऑयल, दाग-धब्बों को करता है दूर


मुंबई, 4 फरवरी। बदलती लाइफस्टाइल, प्रदूषण, धूप, तनाव और गलत खानपान का असर सबसे पहले चेहरे पर दिखाई देता है। झुर्रियां, एज स्पॉट्स, दाग-धब्बे और रूखी त्वचा जैसी परेशानियां अब कम उम्र की भी समस्या बनने लगी हैं। ऐसे में प्राकृतिक उपाय बेहद कारगर हैं, जिनमें मोरिंगा तेल बेहतर विकल्प है।

मोरिंगा को आयुर्वेद में शोभांजन कहा जाता है। इसके पत्ते, फल, छाल और खासतौर पर इसके बीज औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। मोरिंगा के सूखे बीजों से निकाला गया तेल बेहद पोषक माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, यह तेल त्वचा के दोषों को संतुलित करता है और शरीर के अंदर और बाहर दोनों स्तरों पर काम करता है।

इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फार्मास्युटिकल रिसर्च एंड एप्लीकेशंस में प्रकाशित अध्ययनों के अनुसार, मोरिंगा तेल में ओलिक एसिड, विटामिन ए, सी और ई, फ्लेवोनॉयड्स और पॉलीफेनॉल जैसे तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये सभी तत्व मिलकर त्वचा को पोषण देते हैं। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-एजिंग, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो त्वचा को भीतर से स्वस्थ बनाते हैं।

एज स्पॉट्स, चेहरे पर पड़ने वाले काले धब्बे, अक्सर फ्री रेडिकल्स, धूप और कोलेजन की कमी के कारण होते हैं। मोरिंगा तेल इस समस्या पर सीधे काम करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं। वहीं, विटामिन सी त्वचा में कोलेजन के निर्माण को बढ़ावा देता है, जिससे त्वचा की इलास्टिसिटी बनी रहती है और धब्बे कम होते हैं।

तेल से हल्के हाथों से मसाज करने से त्वचा की गहराई तक पहुंचकर डार्क स्पॉट्स को हल्का करने में मदद मिलती है।

आयुर्वेद में एज स्पॉट्स को पित्त दोष के असंतुलन से भी जोड़ा जाता है। मोरिंगा तेल में ठंडक देने वाले गुण होते हैं, जो त्वचा की गर्मी को शांत करते हैं और पित्त को संतुलन में लाने में सहायक होते हैं। इससे पिगमेंटेशन से बचाव होता है। नहाने के बाद या रात को सोने से पहले चेहरे पर इसकी कुछ बूंदों से मसाज करने पर त्वचा लंबे समय तक नरम और मुलायम बनी रहती है।

एज स्पॉट्स के अलावा, मोरिंगा तेल त्वचा की कई दूसरी समस्याओं में भी राहत देता है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक गुण मुंहासों, जलन और एलर्जी में मददगार माने जाते हैं। यह त्वचा की प्राकृतिक नमी को बनाए रखता है, जिससे रूखापन और खिंचाव कम होता है। फटे होंठों, बेजान त्वचा और सन डैमेज में भी इसका इस्तेमाल लाभकारी माना जाता है।
 

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