अमरावती, 3 फरवरी। आंध्र प्रदेश पुलिस ने मंगलवार को जन सेना विधायक अरावा श्रीधर के खिलाफ एक महिला के यौन शोषण के आरोपों के बाद एफआईआर दर्ज की।
पुलिस ने विधायक के खिलाफ भारत न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318(4), 88 और 351(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के निर्देशों के बाद, कडप्पा जिले के पुलिस अधीक्षक ने रेलवे कोडुरु विधायक के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया।
महिला ने अपनी शिकायत पर एफआईआर दर्ज न होने के बाद न्याय की गुहार लगाते हुए एनएचआरसी का रुख किया था।
उसने पिछले हफ्ते आरोप लगाया था कि विधायक ने शादी का झांसा देकर एक साल से अधिक समय तक उसका यौन शोषण किया और उसे गर्भपात कराने के लिए मजबूर किया।
सरकारी कर्मचारी बताई जा रही महिला ने एक सेल्फी वीडियो में दावा किया कि श्रीधर के 2024 में विधायक चुने जाने के तुरंत बाद से ही उसका शोषण शुरू हो गया था। उसने आरोप लगाया कि उसे कार में बिठाकर एक सुनसान जगह पर ले जाया गया, जहां उसने उसके साथ मारपीट की।
उसने आरोप लगाया कि पिछले एक साल में उसने पांच बार गर्भपात कराया और विधायक ने उसे बार-बार प्रताड़ित किया और धमकाया। उसने यह भी बताया कि उसने उसके पति को फोन करके उसे तलाक देने के लिए मजबूर किया।
हालांकि, पवन कल्याण के नेतृत्व वाली पार्टी के विधायक ने महिला द्वारा लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने दावा किया कि उनके बारे में झूठा प्रचार और डीपफेक वीडियो फैलाए गए।
इसी बीच, विधायक श्रीधर मंगलवार को जन सेना द्वारा उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति के सामने पेश हुए।
समिति के सामने पेश होने के बाद मीडियाकर्मियों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह मामले का सामना करने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ चाहे जितने भी मामले दर्ज किए जाएं, मैं उनका सामना करूंगा। चाहे वे सौ मामले ही क्यों न दर्ज करें, मैं उनका सामना करने के लिए तैयार हूं।
श्रीधर ने इसे पूरी तरह से निजी मामला बताया और मीडिया से आग्रह किया कि वह पार्टी को इसमें न घसीटे।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के नेतृत्व वाली जन सेना ने एक महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिए गठित समिति में अपने तीन नेताओं टी. शिवशंकर, टी. रमादेवी और टी.सी. वरुण को नामित किया है।