पटना, 3 फरवरी। बिहार विधानसभा में वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। सरकार का दावा है कि यह बजट युवाओं, किसानों और महिलाओं के साथ ही साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा और विकसित बिहार के संकल्प को पूरा करेगा।
विपक्ष ने इस बजट को खोखला करार दिया है। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने इस बजट में बिहार के लोगों के हित को नहीं देखा है। बजट को लेकर महागठबंधन की ओर से सदन में नीतीश कुमार की सरकार को घेरने की तैयारी की जा रही है।
पटना में महागठबंधन विधानमंडल दल की बैठक बुलाई गई, जिसमें कांग्रेस-राजद-सीपीआई(एमएल) के विधायकों को बुलाया गया। बैठक का नेतृत्व तेजस्वी यादव ने किया। इस बैठक में सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर चर्चा हुई। बजट में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण सहित अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की योजना बनाई गई है।
महागठबंधन विधानमंडल दल की बैठक के बाद राजद विधायक रणविजय साहू ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि बिहार में हालात बहुत खराब हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बात करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में हम सरकार को घेरने का काम करेंगे। सरकार अहम मुद्दों पर लीपापोती कर रही है। प्रदेश में महिलाओं पर अत्याचार बढ़ा है, लेकिन सीएम नीतीश कुमार खामोश हैं। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में हम सदन में सरकार को घेरने का काम करेंगे। सीएम नीतीश कुमार को हमारे सवालों का जवाब देना होगा।
कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने कहा कि यह एक रेगुलर मीटिंग थी, और इसमें बिहार से जुड़े मुद्दों और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।
राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि सरकार द्वारा पेश किया गया बजट बहुत छोटा है – सिर्फ दो पन्नों का – और यह हैरान करने वाली बात है। हमने बैठक में इस पर चर्चा की। हम भले ही संख्या में कम हैं, लेकिन हमारे इरादे मजबूत हैं और बिहार के लोगों के हित की जो अनदेखी इस बजट में की गई है, हम विरोध करेंगे और जनता के मुद्दों को मजबूती के साथ सदन में उठाएंगे।