पटना, 3 फरवरी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव द्वारा प्रस्तुत बिहार बजट 2026-27 की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट समावेशी और न्यायोचित विकास के माध्यम से विकसित बिहार के निर्माण के लिए सरकार के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
बिहार विधानसभा में बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने एक पोस्ट अपलोड किया और कहा कि बजट 'न्याय के साथ विकास' के सिद्धांत पर आधारित है और किसानों, उद्यमियों, युवाओं और महिलाओं सहित समाज के सभी वर्गों की जरूरतों को पूरा करता है।
कुमार ने कहा कि 2026-27 का राज्य बजट व्यापक, समावेशी और विकासोन्मुखी है। यह समाज के सभी क्षेत्रों और हर वर्ग को ध्यान में रखता है। इस वर्ष का बजट 34 लाख करोड़ रुपए से अधिक है, जो पिछले वर्ष के बजट से 30,000 करोड़ रुपए अधिक है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिहार की विकास दर 14.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट सरकार की 'सेवन रिजॉल्व्स-3' पहल को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया और कहा कि विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से यह प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।
उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत, रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक परिवार की एक महिला को 2 लाख रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट का उद्देश्य प्रत्येक परिवार के लिए अवसर सुनिश्चित करना, प्रत्येक युवा के लिए कौशल विकास और महिलाओं का सशक्तिकरण करना है। राज्य में उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है और शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि में हासिल की गई प्रगति को मजबूत करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
नीतीश कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य के अपने वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन से बिहार के विकास को और गति मिलेगी।
उन्होंने बिहार के विकास पथ में केंद्र सरकार के सहयोग को भी स्वीकार किया।
उन्होंने आगे कहा कि आने वाले वर्षों में बिहार देश के सबसे विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल हो सकेगा।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी बजट का स्वागत करते हुए कहा कि इससे बिहार के विकास को नई गति मिलेगी।
चौधरी ने कहा कि विकसित बिहार की रफ्तार को नई गति देते हुए राज्य का बजट लगभग 35 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। एनडीए सरकार ने बिहार को नई उड़ान दी है और विकास को एक नई पहचान मिल रही है।