जयपुर, 3 फरवरी। राजस्थान में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने मंगलवार को दूषित कफ सिरप के सेवन से कथित तौर पर बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला।
प्रश्नकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए जुली ने सरकार पर लापरवाही और 'कमीशन से प्रेरित भ्रष्टाचार' का आरोप लगाया और कहा कि मासूम बच्चे अपनी जान गंवा रहे हैं।
कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा द्वारा उठाए गए एक प्रश्न के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री के उत्तर पर सवाल उठाते हुए टीकाराम जूली ने इसे अधूरा और भ्रामक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर 'मौत के सौदागरों' को संरक्षण दे रही है और जवाबदेही की मांग की। उनके इस बयान से विधानसभा में जोरदार विरोध प्रदर्शन और हंगामा हुआ।
उन्होंने दावा किया कि जिस दवा कंपनी के कफ सिरप का संबंध इन मौतों से जोड़ा गया है, उसे पहले ही कई राज्यों में ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है।
इसके बावजूद, उन्होंने सवाल उठाया कि कंपनी राजस्थान में आपूर्ति अनुबंध हासिल करने में कैसे कामयाब रही। जुली ने आगे आरोप लगाया कि खांसी की दवा का वही दूषित बैच राजस्थान में मुख्यमंत्री की मुफ्त दवा योजना के तहत बच्चों को वितरित किया गया।
सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए, विपक्ष के नेता ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्र में मोदी सरकार पर निशाना साधा और इसे 'गुलामी का नया दस्तावेज' और भारत की रणनीतिक स्वायत्तता पर हमला बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने भारत पर इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव डाला, जिससे, उनके अनुसार, देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा।
टीकाराम जूली ने भारत की तेल खरीद नीति पर भी सवाल उठाया और पूछा कि देश को सस्ते रूसी तेल से दूर हटकर महंगे विकल्पों की तलाश करने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने इसे भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का उल्लंघन बताया।