चेन्नई, 3 फरवरी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने 2026-27 के केंद्रीय बजट को राज्य के लोगों के लिए 'बहुत बड़ी निराशा' बताया है। उन्होंने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनावों में राज्य की जनता भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को इसका राजनीतिक जवाब देगी।
चेन्नई में स्टालिन ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि तमिलनाडु को केंद्र सरकार से बेहतर फंड और नीतिगत सहयोग की उम्मीद थी, लेकिन बजट में ऐसा कुछ भी नहीं मिला।
उन्होंने कहा, “मैं यह पहले भी कह चुका हूं। हमें सिर्फ निराशा ही मिली है। हमें उम्मीद थी कि कुछ बदलाव होगा, लेकिन कोई बदलाव नहीं हुआ।” मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट तमिलनाडु के विकास की उम्मीदों के खिलाफ है और जनता इस उपेक्षा को नहीं भूलेगी।
उन्होंने कहा कि लोग इसका सबक सिखाएंगे, और उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले चुनाव केंद्र सरकार के रवैये पर जनता की राय तय करेंगे।
जब उनसे राजनीतिक विरोधियों के बारे में पूछा गया, तो स्टालिन ने नरम रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “मैं किसी को अपना दुश्मन नहीं मानता। मैं सभी को दोस्त मानता हूं, जिससे उन्होंने यह साफ किया कि उनका ध्यान टकराव नहीं, बल्कि शासन पर है।
दिन की शुरुआत में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अपने कोलाथुर विधानसभा क्षेत्र में कई जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्घाटन किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण चेन्नई मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा 11.74 करोड़ रुपए की लागत से बनाई गई नई बहुमंजिला स्वास्थ्य सुविधा का उद्घाटन रहा।
इस इमारत में लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा देने के लिए कई तरह की मेडिकल सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। पहली मंजिल पर फिजियोथेरेपी सेंटर है। दूसरी मंजिल पर दिव्यांग लोगों की मदद के लिए आर्टिफिशियल लिंब सेंटर बनाया गया है।
तीसरी मंजिल पर डायलिसिस की सुविधा होगी, जबकि चौथी मंजिल पर ब्लड प्यूरिफिकेशन यूनिट सहित अन्य मरीज देखभाल सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
मुख्यमंत्री ने इलाके में छह नई राशन दुकानों का भी उद्घाटन किया। इसके अलावा, लोगों के मनोरंजन के लिए कोलाथुर झील के पास विकसित एक नए पार्क को भी जनता के लिए खोला गया।
जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रों और अन्य लाभार्थियों को किताबें, लैपटॉप और जरूरी सहायता सामग्री भी वितरित की।
इन कार्यक्रमों में मंत्री केआर पेरियाकरुप्पन, मा. सुब्रमण्यम और पीके सेकरबाबू, चेन्नई की मेयर आर. प्रिया, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह कार्यक्रम चुनावी साल से पहले सरकार के कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर को दिखाता है।