पंकज रॉय: धैर्य और कला के वो मास्टर, जो भारतीय क्रिकेट में दिग्गजों के भी बन गए आदर्श

भारत के बेहतरीन सलामी बल्लेबाजों में शुमार पंकज रॉय, जो दिग्गजों के आदर्श बन गए


नई दिल्ली, 3 फरवरी। पंकज रॉय की गिनती भारतीय क्रिकेट के बेहतरीन सलामी बल्लेबाजों में होती है, जिन्होंने धैर्यपूर्ण और तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाजी के लिए अपनी पहचान बनाई। इस खिलाड़ी ने टेस्ट क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कई यादगार पारियां खेलीं। यही वजह रही कि कई दिग्गज क्रिकेटर उन्हें अपना आदर्श मानते हैं।

31 मई 1928 को कलकत्ता में जन्मे पंकज रॉय ने 1946-47 में अपने फर्स्ट-क्लास डेब्यू में शतक लगाकर सभी का ध्यान खींच लिया था। यही वजह रही कि उन्हें नवंबर 1951 में भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका मिल गया।

1951-52 में इंग्लैंड के खिलाफ अपनी पहली टेस्ट सीरीज में उन्होंने शतक लगा दिया। यह उनके टेस्ट करियर की मात्र दूसरी ही पारी थी। दिसंबर 1951 में उन्होंने ब्रैबोर्न स्टेडियम में इंग्लैंड के विरुद्ध 20 चौकों के साथ 140 रन बनाए। फरवरी 1952 में उन्होंने चेन्नई में इसी टीम के खिलाफ 111 रन की पारी खेली, जो उनके करियर का दूसरा शतक था। हालांकि, इसके बाद उन्हें कुछ पारियों में रनों के लिए संघर्ष करना पड़ा। आलम ये रहा कि लगातार चार टेस्ट पारियों में खाता तक नहीं खुल सका।

1954-55 में न्यूजीलैंड में पंकज रॉय ने वीनू मांकड़ के साथ 413 रनों की ओपनिंग साझेदारी करते हुए इतिहास रच दिया था। बाद में इसी रिकॉर्ड को साउथ अफ्रीका की तरफ से ग्रीम स्मिथ और नील मैकेंजी की जोड़ी ने 415 रन की साझेदारी करते हुए तोड़ा। पंकज रॉय के नाम रणजी ट्रॉफी में बंगाल की तरफ से खेलते हुए हैदराबाद के विरुद्ध एक ही मैच में दो शानदार शतक भी हैं। उन्होंने साल 1959 में इंग्लैंड में एक टेस्ट में भारत की कप्तानी की।

इस दाएं हाथ के बल्लेबाज ने 43 टेस्ट मुकाबलों की 79 पारियों में 32.56 की औसत के साथ 2,442 रन बनाए, जिसमें 5 शतक और 9 अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने 185 फर्स्ट क्लास मुकाबलों में 33 शतक और 50 अर्धशतक के साथ 11,868 रन बनाए। हालांकि, पंकज ने सफलता के साथ असफलता भी देखी, 14 टेस्ट पारियों में 'शून्य' पर आउट हुए।

क्रिकेट में योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 'पद्मश्री' से सम्मानित किया। 2016 में उन्हें मरणोपरांत सीके नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए उनके बेटे, प्रणब भी भारत के लिए दो टेस्ट मैच खेले। 4 फरवरी 2001 को 72 साल की उम्र में पंकज रॉय दुनिया छोड़ गए।
 

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