बीजिंग, 3 फरवरी। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन च्येन ने मंगलवार को नियमित प्रेस वार्ता में सम्बंधित सवाल के जवाब में बताया कि जापान द्वारा पुनःसैन्यीकरण गति देना एक तथ्य और वास्तविकता है। इस संदर्भ में जापान का व्यावहारिक मार्ग और कदम है। चीन और अन्य सभी शांतिप्रिय देशों को हाथों में हाथ मिलाकर जापानी दक्षिण पंथी शक्ति द्वारा पुनःसैन्यीकरण बढ़ाने को रोककर दूसरे विश्व युद्ध की विजय उपलब्धियों और बड़ी मशक्कत के बाद प्राप्त विश्व शांति की सुरक्षा करनी चाहिए।
ध्यान रहे रूसी संघीय सुरक्षा सम्मेलन के सचिव शर्गे शोइगू ने हाल ही में चीनी पक्ष के साथ रणनीतिक संवाद करते समय कहा कि रूस जापान द्वारा पुनःसैन्यीकरण गति देने का डटकर विरोध करता है।
इसके प्रति लिन च्येन ने बताया कि जापान सम्बंधी सवाल पर चीन और रूस का समान पक्ष है। जापान का पुनःसैन्यीकरण को गति देना क्षेत्रीय शांति व स्थिरता के लिए खतरा है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय और क्षेत्रीय देशों को इसके प्रति सतर्क रहना चाहिए।
प्रवक्ता ने कहा कि युद्ध के बाद जापान सैन्यवाद से पूरी तरह अलग नहीं हुआ। जापान के यासुकुनी मंदिर में 14 वर्ग ए के युद्ध अपराधियों की प्रतीकात्मक पट्टिकाएं हैं। जापान का प्रतिरक्षा बजट लगातार 14 साल तक बढ़ता रहा है। इधर पाँच साल उसकी वृद्धि 60 प्रतिशत से अधिक है, जो जीडीपी का 2 प्रतिशत है। जापानी सरकार के अधिकारी खुले तौर पर गैर-परमाणु हथियारों के तीन सिद्धांतों में संशोधन करने की कोशिश कर रहे हैं।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)