नई दिल्ली, 3 फरवरी। आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने भाजपा शासित एमसीडी द्वारा पेश किए गए बजट को 'हवा-हवाई, कागजी और जनविरोधी' करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट दिल्ली की जनता के साथ सीधा धोखा है, जिसमें प्रदूषण, सफाई, कूड़ा प्रबंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बच्चों और स्वच्छता कर्मियों के लिए न तो कोई स्पष्ट विजन है और न ही ठोस कार्ययोजना।
एमसीडी सदन में बजट पर चर्चा के दौरान अंकुश नारंग ने कहा कि भाजपा जिस बजट को दूरदर्शी और सुधारात्मक बता रही है, वह असल में आंकड़ों का जादूगरखाना है, जिसमें सच्चाई गायब है और सिर्फ भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केवल बोर्ड बदलने और प्रचार के जरिए वाहवाही लूट रही है। डिस्पेंसरियों पर ‘आरोग्य मंदिर’ के नाम के बोर्ड लगा दिए गए हैं, लेकिन स्टाफ, दवाइयों और सुविधाओं की हालत जस की तस बनी हुई है। एमसीडी के अस्पताल बदहाल हैं और स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हुई हैं।
अंकुश नारंग ने सफाई कर्मचारियों और एमटीएस कर्मियों के मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए कहा कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने का दावा सिर्फ जुमला साबित हुआ है। बजट में एमटीएस कर्मचारियों के लिए एक भी ठोस प्रावधान नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि 33 दिनों तक आंदोलन करने वाले कर्मचारियों की मांगों को नजरअंदाज कर दिया गया, जबकि इवेंट, बैनर और प्रचार के लिए भरपूर बजट रखा गया है।
उन्होंने कूड़ा प्रबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि गाजीपुर, भलस्वा और ओखला के कूड़े के पहाड़ भाजपा सरकार की प्रशासनिक विफलताओं के जीते-जागते उदाहरण हैं। वहीं, शिक्षा व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि एमसीडी के करीब 30 प्रतिशत स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली हैं और कई स्कूल अतिथि शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं। स्कूलों की इमारतें जर्जर हैं, लेकिन भाजपा सिर्फ पोस्टर और बैनर लगाने में व्यस्त है।
अंकुश नारंग ने बजट के आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए बताया कि आरबीई 2025-26 की तुलना में बीई 2026-27 में बजट में लगभग 42 प्रतिशत की कटौती की गई है। उन्होंने सवाल किया कि यह पैसा कहां गया और इसकी जवाबदेही कौन लेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि आय बढ़ाने के नाम पर प्रॉपर्टी टैक्स, पेनल्टी और छोटे व्यापारियों पर बोझ डाला गया है।
अंकुश नारंग ने कहा कि यह बजट लोकतंत्र विरोधी, कर्मचारी विरोधी और जनता की वास्तविक समस्याओं से कटा हुआ है। यह प्रशासन चलाने का नहीं, बल्कि भाजपा की राजनीति बचाने का दस्तावेज है।