लखनऊ, 3 फरवरी। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-2047 और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने का एक सशक्त, दूरदर्शी और विजनरी रोडमैप है। उन्होंने कहा कि यह बजट किसान, युवा, महिला, उद्यमी और मध्यम वर्ग सहित समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
पंकज चौधरी ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने नवाचार, आर्थिक वृद्धि, रोजगार सृजन और समावेशी विकास को प्राथमिकता दी है, जिसकी स्पष्ट झलक बजट 2026-27 में दिखाई देती है। उन्होंने बताया कि आधारभूत संरचना को अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए सरकार ने अब तक का सबसे निरंतर और मजबूत निवेश किया है। वर्ष 2014-15 में जहां इन्फ्रास्ट्रक्चर बजट 2 लाख करोड़ रुपए था, वहीं इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपए कर दिया गया है, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि बजट में देश को सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की सौगात मिली है, जिनमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनसे नोएडा, आगरा, लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी, यात्रा समय घटेगा और पर्यटन व आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। इसके साथ ही पूर्व में डांकुनी से पश्चिम में सूरत तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निर्माण का निर्णय लिया गया है, जिसका बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगा। अगले पांच वर्षों में 20 नए वाटरवे शुरू किए जाएंगे तथा वाराणसी में गंगा जलमार्ग पर जलयान मरम्मत एवं शिप-रिपेयर केंद्र विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने बताया कि पांच लाख से अधिक आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों में सिटी इकोनॉमिक रीजन विकसित किए जाएंगे, जिन पर अगले पांच वर्षों में प्रति शहर 5,000 करोड़ रुपए तक का निवेश होगा। पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए पांच प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश में सारनाथ और हस्तिनापुर को अनुभवात्मक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का प्रावधान किया गया है।
पंकज चौधरी ने रक्षा क्षेत्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पेश किए गए इस पहले बजट में रक्षा बजट को 15 प्रतिशत बढ़ाकर 7.85 लाख करोड़ रुपए किया गया है। इसमें से 2.19 लाख करोड़ रुपए रक्षा अवसंरचना के लिए निर्धारित किए गए हैं, जिससे देश की सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग को रोजगार का प्रमुख आधार बताते हुए कहा कि मेक इन इंडिया और पीएलआई योजनाओं को और सशक्त किया गया है। बजट में सात स्ट्रेटेजिक मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों पर फोकस किया गया है। बायोफार्मा शक्ति परियोजना के तहत 10,000 करोड़ रुपए, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40,000 करोड़ रुपए तथा केमिकल पार्क, हेवी टूल्स और शिपिंग कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग जैसी योजनाएं औद्योगिक विकास को गति देंगी। एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपए का ग्रोथ फंड और 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टरों के पुनरुद्धार की योजना से उत्तर प्रदेश के छोटे व कुटीर उद्योगों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि आयुष क्षेत्र में तीन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे। युवाओं और महिलाओं के लिए प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल की व्यवस्था की गई है, जिससे उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले लाभान्वित होंगे। स्किल डेवलपमेंट मंत्रालय के बजट में 62 प्रतिशत की वृद्धि और शिक्षा संस्थानों में कंटेंट लैब की स्थापना से रोजगारोन्मुख शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों की क्षमता 50 प्रतिशत तक बढ़ाने और प्रत्येक जिले में आपातकालीन व ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। कृषि क्षेत्र के लिए 1.62 लाख करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्ष से 7 प्रतिशत अधिक है। इसके साथ ही केंद्रीय सहायता, टैक्स डिवोल्यूशन और सीएसएस के माध्यम से उत्तर प्रदेश को लगभग 4.18 लाख करोड़ रुपये का वित्तीय समर्थन मिलेगा।
पंकज चौधरी ने कहा कि बजट 2026-27 “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को साकार करने वाला बजट है, जो उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में तेजी से आगे ले जाएगा।