नई दिल्ली, 3 फरवरी। लोकसभा ने मंगलवार को सदन की कार्यवाही में बाधा डालने और बजट सत्र के शेष समय के लिए अध्यक्ष की ओर कागज फेंकने के आरोप में 7 कांग्रेस सांसद और मदुरै से 1 सीपीएम सांसद को निलंबित कर दिया। वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कांग्रेस सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर सांसदों के निलंबन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी समेत अन्य विपक्षी पार्टियों ने भी सांसदों के निलंबन का विरोध जताया।
निलंबित किए गए सांसदों में हिबी ईडन, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, मणिक्कम टैगोर, गुरजीत सिंह औजला, किरण कुमार रेड्डी, प्रशांत पाडोले, एस. वेंकटेशन और डीन कुरियाकोस शामिल हैं।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, "हम भाजपा वालों जैसे नहीं हैं। जब राहुल गांधी देश की असली सच्चाई बताना चाहते हैं, तो वे पूरी तरह डर जाते हैं। इसलिए वे राहुल गांधी को बोलने नहीं दे रहे हैं। हम किसी सस्पेंशन या किसी भी चीज से नहीं डरते। संसदीय लोकतंत्र हमारे लिए सबसे जरूरी है। राष्ट्रीय सुरक्षा हमारे लिए सबसे जरूरी है। अगर सरकार हम सभी को सस्पेंड करना चाहती है, तो उन्हें करने दो। मैं मंत्रियों को चैलेंज करता हूं। इस मुद्दे पर, वे सभी कांग्रेस सांसदों और सभी विपक्ष को सस्पेंड करना चाहते हैं, तो कर दें।"
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सांसद मनोज कुमार झा ने सांसदों के निलंबन पर कहा कि ऐसा क्या सच छुपाने का प्रयास कर रहे हैं? एक मजबूत लोकतांत्रिक देश में सुनने का भी दिल होना चाहिए। उसके बाद साझा विचार होना चाहिए। बाकी आप जो निलंबन कर रहे हैं, उसका मूल कहां है, ये देखना होगा।
उन्होंने कहा कि अगर इस तरह से निलंबन हुआ होता तो 2012-13 में पूरी की पूरी भारतीय जनता पार्टी निलंबित हो गई होती।
वहीं, समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि विपक्ष के नेता को संसद में बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में अमेरिका के लिए जो बाजार खोला गया है, उससे कृषि सेक्टर को बहुत नुकसान होगा।
लोकसभा से 8 सांसदों के निलंबन पर सपा सांसद ने कहा कि हम इस मुद्दे को कल भी उठाएंगे। सांसदों को संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है।