चतरा, 3 फरवरी। झारखंड एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मंगलवार को चतरा के जिला आयुष पदाधिकारी राम प्रकाश वर्मा को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से जिले के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।
एसीबी के अनुसार, राम प्रकाश वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने टंडवा प्रखंड में पदस्थापित आयुष चिकित्सक डॉ. प्रिया कुमारी से विभागीय कार्यों के निष्पादन के एवज में 20 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। डॉ. प्रिया कुमारी ने हजारीबाग स्थित एसीबी कार्यालय में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पूरे मामले का गोपनीय तरीके से सत्यापन कराया, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
इसके बाद एसीबी एसपी आरिफ एकराम के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया और जैसे ही जिला आयुष पदाधिकारी ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि स्वीकार की, एसीबी ने मौके पर ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई चतरा सदर अस्पताल परिसर स्थित आयुष भवन में की गई।
एसीबी अधिकारियों ने आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली है। गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम राम प्रकाश वर्मा को अपने साथ हजारीबाग ले गई, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
बताया गया है कि राम प्रकाश वर्मा मूलरूप से रांची के तुपुदाना इलाके के निवासी हैं। हाल के दिनों में राज्य में भ्रष्टाचार के मामलों में जांच एजेंसियों ने लगातार कार्रवाई की है। इससे पहले सोमवार को एसीबी ने रांची जिले के बुंडू प्रखंड में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में कार्यरत ब्लॉक कोऑर्डिनेटर जगन्नाथ गोप को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।
वहीं, सीबीआई ने 1 फरवरी को रांची में जमीन के बदले रिश्वत लेने के आरोप में एक सेना हवलदार और एक निजी व्यक्ति को कथित तौर पर 50 हजार रुपए लेते हुए गिरफ्तार किया था।